इंदौर। “इंदौर से भोपाल आने निकले सैकड़ों किसान… लेकिन राजधानी पहुंचने से पहले ही पुलिस ने उनका रास्ता रोक दिया। फिर जो हुआ, उसने माहौल गरमा दिया।”
पश्चिम रिंग रोड परियोजना के लिए जमीन अधिग्रहण के विरोध में 39 गांवों के किसान करणी सेना के नेतृत्व में ट्रैक्टर और गाड़ियों के काफिले के साथ भोपाल के लिए रवाना हुए थे। किसानों की मांग है कि अधिग्रहित जमीन का चार गुना मुआवजा दिया जाए और गाइडलाइन दरें बढ़ाई जाएं।
बरलाई गांव के पास पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोक दिया। काफी देर तक बातचीत चली, लेकिन किसान पीछे हटने को तैयार नहीं हुए। इसके बाद पुलिस ने रेड चिली आंसू गैस, वाटर कैनन और हल्का बल प्रयोग कर भीड़ को तितर-बितर करने की कोशिश की। कुछ प्रदर्शनकारियों को हिरासत में भी लिया गया।
पुलिस कार्रवाई के बाद किसान सड़क पर ही धरने पर बैठ गए। उनका कहना है कि जब तक मांगें पूरी नहीं होंगी, आंदोलन जारी रहेगा।
