
सतना . शहर चाणक्यपुरी कालोनी में एक फर्नीचर व्यवसायी के घर में फायरिंग किए जाने के मामले में पुलिस द्वारा कार्रवाई करते हुए जहां तीन मुख्य आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार कर लिया गया था. वहीं फायरिंग करने वाले शूटरों को देवास से दबोच लिया गया. आरोपियों के कब्जे से पिस्टल-मैगजीन, कारतूस, वाहन की नंबर प्लेट और मोबाइल जैसे सामान जब्त कर लिए गए हैं.
कोलगवां थाना प्रभारी सुदीप सोनी ने जानकारी देते हुए बताया कि चाणक्यपुरी कालोनी में फर्नीचर व्यवसायी भागवत प्रसाद गुप्ता के घर पर 3 अगस्त की सुबह 5 नकाबपोशों द्वारा फायरिंग की गई थी. मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने जांच के दौरान घर के बरामदे से 3 खोखे व 1 बुलेट और रोशनदान के रास्ते किचन में 2 बुलेट बरामद की गई थी. घटना की गंभीरता को देखते हुए गहन जांच और ताबड़तोड़ दबिश देते हुए आरोपियों को दबोच लिया गया. जिसके चलते घटना के 3 दिन बाद ही खुलासा करते हुए पुलिस द्वारा घटना के मुख्य आरोपी सहित 3 लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया था. जिनकी पहचान फर्नीचर व्यवसायी भागवत गुप्ता के पड़ोसी कमल कुमार माटा 67 वर्ष, कमल के पार्टनर रवि प्रताप सिंह 45 वर्ष और रवि का रिश्तेदार सुभाष सिंह 40 वर्ष के तौर पर हुई थी. पकड़े गए आरोपियों ने पूछताछ के दौरान पुलिस को बताया था कि घटना को अंजाम देने के लिए 5 शूटरों को इंदौर से बुलाया गया था. लिहाजा तभी से पुलिस टीमें उक्त आरोपियों की तलाश में जुटी हुई थीं. फरार आरोपियों की तलाश में पुलिस टीम को इंदौर और भोपाल के लिए रवाना किया गया था. जहां पर पुलिस टीम ने इंदौर और भोपाल की क्राइम ब्रांच की टीम से मदद ली. इयी कड़ी में साइबर सेल सतना द्वारा भी आरोपियों के बारे में जानकारी जुटाई जाने लगी. इस संयुक्त प्रयास के चलते आरोपियों के देवास में होने की जानकारी मिली. जिसके आधार पर क्राइम ब्रांच इंदौर व भोपाल के साथ पुलिस टीम ने दबिश देते हुए 4 आरोपियोंं को दबोच लिया. हिरासत में लेकर पूछताछ किए जाने पर चारों आरोपियों ने घटना को अंजाम देना स्वीकार कर लिया. जिसे देखते हुए न्यायालय द्वारा आरोपियों को जेल भेज दिया गया.
सभी आरोपी 20-21 वर्ष के युवा
थापा प्रभारी सुदीप सोनी ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मोनू सोलंकी 22 वर्ष निवासी मालेगांव देवास, दिव्यांश सुरोशे 20 वर्ष निवासी नंदा नगर इंदौर, आयुष राय उर्फ राव साहब 21 वर्ष गौरी नगर इंदौर और हनी भावसागर 20 वर्ष निवासी नंदा नगर इंदौर के तौर पर हुई है. आरोपियों के कब्जे से 32 बोर की पिस्टल, दो नंबर प्लेट यूपी 32 जीआर 0404 और 4 नग मोबाइल बरामद किए गए हैं. जाहिर है कि महज 20-21 वर्ष की उम्र के युवकों ने ईजी मनी के लालच में इस तरह की आपराधिक घटना को अंजाम देने में जरा सी भी हिचक नहीं दिखाई.
