
आज यहां केन्द्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने टीम इंडिया के छात्र प्रतिभागियों को सम्मानित किया और उनकी उपलब्धि पर बधाई दी। उन्होंने छात्रों, उनके अभिभावकों और स्कूलों को बधाई देते हुए कहा कि सरकार युवाओं में वैज्ञानिक सोच विकसित करने और पृथ्वी विज्ञान के प्रति रुचि बढ़ाने के लिए छात्र-केंद्रित कार्यक्रमों को बढ़ावा दे रही है। पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के सचिव डॉ. टी. श्रीनिवास कुमार ने भी छात्रों और उनके प्रशिक्षकों की सराहना की।
इटली के ट्यूरिन में आयोजित इस प्रतियोगिता में 39 देशों के विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया। भारतीय छात्रों ने लिखित एवं प्रायोगिक परीक्षाओं के अलावा इंटरनेशनल टीम फील्ड इन्वेस्टिगेशन और अर्थ साइंस प्रोजेक्ट जैसी विभिन्न श्रेणियों में शानदार प्रदर्शन किया। डेव मॉडल स्कूल, दुर्गापुर के सौमिक मंडल ने दो स्वर्ण और एक रजत पदक हासिल कर 39 देशों के बीच वैश्विक रैंकिंग में तीसरा स्थान प्राप्त किया। वहीं आरोन मैती ने एक स्वर्ण और एक कांस्य तथा रिद्धि रंजन ने एक स्वर्ण और एक रजत पदक जीता। मंत्रालय के अनुसार, जेएनवी के एमडी एहतशाम रिजवी ने भी एक रजत और एक कांस्य पदक हासिल किया।
इस अंतरराष्ट्रीय उपलब्धि से पहले छात्रों के लिए व्यापक राष्ट्रीय चयन और प्रशिक्षण प्रक्रिया आयोजित की गई थी। भारतीय भूवैज्ञानिक सोसायटी के माध्यम से देशभर में करीब 500 केंद्रों पर लगभग 17,800 विद्यार्थियों ने प्रारंभिक परीक्षा दी थी। इनमें से चयनित शीर्ष 25 छात्रों ने जून में गुजरात की एम.एस. यूनिवर्सिटी, वडोदरा में तीन सप्ताह का गहन प्रशिक्षण लिया। मंत्रालय के अनुसार, आईईएसओ के साथ डीप ओशन मिशन, मिशन मौसम और पृथ्वी जैसी पहलों के जरिए युवाओं में पृथ्वी प्रणाली विज्ञान के प्रति जागरूकता और वैज्ञानिक शोध के लिए रुचि विकसित की जा रही है।
