
इंदौर। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर इंदौर के टंट्या भील चौराहा भंवरकुआँ पर छात्रों का शांतिपूर्ण अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन रविवार को 20वें दिन भी जारी रहा। आंदोलन से जुड़े छात्रों का कहना है कि यह केवल कुछ विद्यार्थियों का विरोध नहीं, बल्कि देशभर के छात्रों के भविष्य, शिक्षा व्यवस्था में सुधार और जनहित से जुड़े मुद्दों को लेकर चलाया जा रहा है।
आंदोलनकारियों के अनुसार, पिछले 20 दिनों से छात्र लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगें सरकार तक पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं। उनका कहना है कि शिक्षा व्यवस्था से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर जवाबदेही तय होने तक आंदोलन जारी रहेगा।
आंदोलन के समर्थन में रविवार को पांच छात्र 24 घंटे की क्रमिक भूख हड़ताल पर बैठे हैं। इससे पहले 17 जुलाई को एक छात्र और 18 जुलाई को भी एक छात्र ने 24-24 घंटे की भूख हड़ताल की थी। आंदोलनकारी इसे चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ा रहे हैं।
छात्रों ने बताया कि यह अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के समर्थन में भी जारी है। उनका कहना है कि आंदोलन पूरी तरह अहिंसक और लोकतांत्रिक है तथा शिक्षा व्यवस्था में सुधार और छात्रों के हितों से जुड़े मुद्दों पर सरकार का ध्यान आकर्षित करना इसका उद्देश्य है।
धरना स्थल टंट्या भील चौराहा भंवरकुआँ इंदौर में विभिन्न छात्र संगठनों और विद्यार्थियों की भागीदारी लगातार बनी हुई है।आंदोलनकारियों ने कहा कि जब तक उनकी मांगों पर उचित कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका शांतिपूर्ण आंदोलन जारी रहेगा।