‘लड़की को क्रिकेट क्यों खिलाते हो’… तानों से निकलकर लॉर्ड्स में इतिहास रचने वाली पहली भारतीय बनीं क्रांति गौड़

छतरपुर। मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के घुवारा कस्बे की बेटी क्रांति गौड़ ने भारतीय महिला क्रिकेट में नया इतिहास रच दिया है। वह लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड के प्रतिष्ठित ऑनर्स बोर्ड पर नाम दर्ज कराने वाली पहली भारतीय महिला क्रिकेटर बन गई हैं। इंग्लैंड दौरे पर शानदार प्रदर्शन के बाद गुरुवार को भोपाल के टीटी नगर स्टेडियम में खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने उनका सम्मान किया।

सम्मान समारोह में क्रांति गौड़ ने अपने संघर्ष और सफलता की कहानी साझा करते हुए कहा कि एक समय लोगों ने उनके परिवार से सवाल किया था कि “लड़की को क्रिकेट क्यों खिलाते हो?” लेकिन आज उसी घुवारा कस्बे की करीब 40 लड़कियां नियमित रूप से क्रिकेट की प्रैक्टिस कर रही हैं। उन्होंने कहा कि अगर उनकी सफलता से माता-पिता अपनी बेटियों के सपनों पर भरोसा करने लगे हैं, तो यही उनकी सबसे बड़ी उपलब्धि है।

क्रांति ने बताया कि लॉर्ड्स के ऑनर्स बोर्ड पर अपना नाम देखकर उन्होंने सबसे पहले अपने परिवार को वीडियो कॉल किया। उन्होंने कहा कि यह पल उनके जीवन का सबसे यादगार क्षण था। उन्होंने अपनी इस उपलब्धि का श्रेय अपने परिवार, कोच, मध्य प्रदेश और पूरे देश को दिया।

इस दौरान क्रांति ने मध्य प्रदेश सरकार की खेल सुविधाओं और नई खेल नीति की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण और आधुनिक सुविधाएं मिल रही हैं, जिसकी बदौलत अब मध्य प्रदेश के खिलाड़ी लगातार राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन कर रहे हैं।

भोपाल दौरे के दौरान क्रांति गौड़ ने SAI CRC भोपाल का भी दौरा किया, जहां उन्हें फिट इंडिया अभियान से जुड़ने का संदेश दिया गया। इसके अलावा उन्होंने कमिश्नर कार्यालय पहुंचकर अधिकारियों से मुलाकात की। खेल मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि क्रांति गौड़ की यह उपलब्धि मध्य प्रदेश की हजारों बेटियों के लिए प्रेरणा है और आने वाले समय में प्रदेश से और भी खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का गौरव बढ़ाएंगे।

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