आईएएस या आईएफएस बनने की सलाह मिलती थी, लेकिन मैंने एक्टिंग चुनी : अर्चना पूरन सिंह

मुंबई, 16 जुलाई (वार्ता) लोकप्रिय अभिनेत्री अर्चना पूरन सिंह ने कहा है कि उनके शिक्षक उन्हें आईएएस या आईएफएस अधिकारी के रूप में देखना चाहते थे, लेकिन उन्होंने अभिनय को अपना करियर चुनकर सबको चौंका दिया।प्राइम वीडियो की आगामी ओरिजिनल सीरीज़ ‘आदर्श बाल विद्यालय’ के प्रीमियर से पहले अर्चना ने अपने स्कूल के दिनों को याद करते हुए बताया कि वह पढ़ाई में हमेशा अव्वल रहती थीं और शिक्षकों की पसंदीदा छात्रा थीं। उन्होंने कहा कि उस दौर में पढ़ाई में अच्छे छात्रों के लिए सिविल सेवा को सबसे प्रतिष्ठित करियर माना जाता था, इसलिए उनके शिक्षक भी उनसे यही उम्मीद रखते थे।

अर्चना ने कहा, “मैं हमेशा क्लास में फर्स्ट आती थी और अपने टीचर्स की फेवरेट स्टूडेंट थी। मेरे टीचर्स हमेशा कहते थे कि मुझे आईएएस या आईएफएस बनना चाहिए। जब मैंने उन्हें बताया कि मैं कलाकार बनना चाहती हूं और फिल्म इंडस्ट्री में जा रही हूं, तो वे काफी निराश हो गए थे। उन्हें समझ नहीं आया कि मैं इतना अच्छा भविष्य छोड़कर अभिनय क्यों चुन रही हूं।”उन्होंने कहा कि आज पीछे मुड़कर देखने पर यह बात उन्हें मजेदार लगती है। अर्चना के अनुसार, अभिनय ने उन्हें दर्शकों का प्यार, लोगों को हंसाने का अवसर और ऐसे अनुभव दिए, जिनकी उन्होंने कभी कल्पना भी नहीं की थी। उन्होंने उम्मीद जताई कि उनके शिक्षक आज उन्हें देखकर गर्व महसूस करते होंगे कि उनकी पसंदीदा छात्रा ने अपना रास्ता खुद चुना और वही उसके लिए सही साबित हुआ।

उल्लेखनीय है कि ‘आदर्श बाल विद्यालय’ एक कॉमेडी-ड्रामा सीरीज़ है, जो उम्मीद, संघर्ष और सामूहिक प्रयास की कहानी को दर्शाती है। हिमांक गौर निर्देशित इस सात एपिसोड की श्रृंखला का निर्माण पोशम पा पिक्चर्स ने किया है। सीरीज़ में के.के. मेनन मुख्य भूमिका में हैं, जबकि अर्चना पूरन सिंह, अभिमन्यु सिंह, नवीन कस्तूरिया, देवेन भोजानी, प्राची शाह और अन्य कलाकार भी महत्वपूर्ण भूमिकाओं में नजर आएंगे। यह सीरीज़ 24 जुलाई से प्राइम वीडियो पर भारत सहित 240 से अधिक देशों और क्षेत्रों में स्ट्रीम की जाएगी।

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