नयी दिल्ली, 16 जुलाई (वार्ता) पूर्व भारतीय स्पिनर आर अश्विन ने स्टीवन फ़्लेमिंग के चेन्नई सुपर किंग्स के साथ 18 साल का साथ समाप्त होने को अदभुत बताया है, लेकिन साथ ही उन्होंने ये भी कहा है कि अब सही समय आ गया था कि सीएसके दूसरे रास्ते पर जाए।
मंगलवार को फ्रेंचाइजी ने घोषणा की थी कि वे अब आपसी सहमति से फ़्लेमिंग के साथ करार समाप्त कर रहे हैं जो उनके अन्य फ्रेंचाइज़ियों टेक्सस सुपर किंग्स (मेजर लीग क्रिकेट) और जोबर्ग सुपर किंग्स (एसए20) के भी कोच थे। फिलहाल उनकी जगह लेने के लिए किसी दूसरे व्यक्ति का नाम सामने नहीं आया है।
अश्विन ने क्रिकइंफो से कहा, “फ़्लेमिंग ने वास्तव में वह समझा कि क्या एमएस धोनी को पसंद है और धोनी ने यह समझा कि फ़्लेमिंग अच्छे नायक हैं और इसीलिए ये साझेदारी इतनी लंबी चली। मैं कहूंगा कि अब समय आ गया था कि सीएसके आगे देखे।” उन्होंने कहा,”यदि धोनी वह करने के इच्छुक हैं (कोच बनने के) तो उनसे बेहतर विकल्प सीएसके के पास कुछ और नहीं है। यदि ऐसा नहीं है तो उन्हें किसी ऐसे व्यक्ति को खोजना होगा जो स्वतंत्र रूप से काम कर सके और अपने एक्शन की पूरी जिम्मेदारी ले सके।” अश्विन को लगता है कि नए कोच का काम आसान नहीं रहने वाला है क्योंकि उसे अपना काम करने के साथ ही ख़ुद को धोनी की छाया से भी बचाना होगा। धोनी का 2027 में खेलना फिलहाल साफ़ नहीं है। 2026 सीज़न में चोट के कारण वह एक भी मैच नहीं खेल सके और पूरे सीज़न फ्रेंचाइज़ी ने उनकी चोट पर कुछ खुलकर नहीं बताया।
अश्विन ने कहा, “उस ड्रेसिंग रूम में जो भी आएगा उसके लिए एक छोटी ही सही लेकिन अनिश्चितता रहेगी। धोनी एक बड़ा नाम है वह आज भी उस बातचीत का बेहद अहम हिस्सा हैं जिसमें ये तय किया जाता है कि कौन सी टीम खेलने वाली है। और एक ऐसा व्यक्ति भी होगा जो उस टीम के लिए बड़े भाई या मार्गदर्शक की भूमिका निभाएगा, जिसे इतने सालों से उनकी आदत रही है। ऐसे में, ड्रेसिंग रूम में आने वाले और स्टीफ़न फ़्लेमिंग से कमान संभालने वाले व्यक्ति के लिए यह बहुत नाजुक स्थिति होगी, क्योंकि वे यह नहीं समझते कि फ़्लेमिंग ने उस फ्रेंचाइज़ी को क्या दिया है। इसलिए उन्हें सहजता से उस भूमिका में ढलना होगा, जो बहुत ही मुश्किल हो सकता है।”
फ़्लेमिंग के साथ दो अलग़ कार्यकाल में काम कर चुके अश्विन ने फ़्लेमिंग पर कोच और रणनीतिकार के रूप में प्रकाश डाला। उन्होंने समझाया, “जिस तरह से वह लोगों से बात करते थे उससे काफ़ी सफ़ाई प्रदर्शित होती थी। उन्होंने ड्रेसिंग रूम में कभी दबाव को आने ही नहीं दिया। प्रैक्टिस में वह बहुत अच्छे रहे। उनके प्रैक्टिस सेशन बहुत, बहुत अच्छे होते थे जिससे रास्ता मिलता था और वापसी करने पर मुझे भी इससे सहयोग मिला। मुझे नहीं लगता है कि ऐसा फिर से हो सकेगा। जब लोग एक ही काम को बहुत लंबे समय तक करते रहते हैं तो जंग लगने जैसी स्थिति हो जाती है। “मुझे लगता है कि फ़्लेमिंग की महानता काफ़ी लंबे समय तक टिकी रहेगी और जो भी आएगा उसके लिए उसे मैच कर पाना आसान नहीं होगा। सीएसके के लिए ये रोचक समय होने वाला है। नया बदलाव काफ़ी रोचक हो सकता है। हमें इतज़ार करना होगा और देखना होगा कि वे किस तरह ये निर्णय लेते हैं।”

