
चिचोली। पांढुर्णा से खंडवा स्थित दादाजी धूनीवाले दरबार के लिए निकली ऐतिहासिक रथ यात्रा मंगलवार को बैतूल जिले के चिचोली पहुंची। चिचोली सीमा में प्रवेश करते ही दादाजी के प्रति अगाध श्रद्धा रखने वाले श्रद्धालुओं ने रथ यात्रा का भव्य स्वागत किया। जयकारों और भक्ति गीतों के बीच श्रद्धालुओं ने रथ का स्वागत कर पूजा-अर्चना की।
नगर में भीम आर्य के निवास पर दादाजी के रथ का विधि-विधान से पूजन एवं मंगल आरती की गई। इसके बाद रथ यात्रा नगर भ्रमण के लिए निकली। यात्रा में शामिल श्रद्धालु पूरे मार्ग में भजलो दादाजी का नाम भजला हर हर जी का नाम “दादाजी धूनीवाले की जय” के जयकारे लगाते हुए भक्ति भाव से शामिल रहे। नगरवासियों ने विभिन्न स्थानों पर रथ यात्रा का स्वागत करते हुए पुष्पवर्षा की और श्रद्धापूर्वक पूजा-अर्चना की।
बताया गया कि खंडवा के दादाजी धूनीवाले के प्रति गहरी आस्था रखने वाला एक परिवार पिछले लगभग 75 वर्षों से पांढुर्णा से दादाजी का रथ लेकर खंडवा तक पदयात्रा करता आ रहा है। यह परंपरा निरंतर चली आ रही है। श्रद्धालुओं में दादाजी का रथ खींचकर पुण्य लाभ अर्जित करने की विशेष उत्सुकता देखने को मिली।
रथ यात्रा के दौरान विशाल सोनी, राजू आर्य, उत्तम राठौर सहित अनेक श्रद्धालुओं ने दादाजी की पूजा-अर्चना की। पूजन के पश्चात प्रसादी का वितरण भी किया गया।
यात्रा से जुड़े पीयूष अमरकर ने बताया कि पांढुर्णा से दादाजी धूनीवाले का रथ पदयात्रा के रूप में खंडवा के लिए रवाना होता है। यह यात्रा लगभग 75 वर्षों से लगातार जारी है। पूर्णिमा के अवसर पर श्रद्धालु खंडवा स्थित दादाजी के दरबार में निशान चढ़ाते हैं। उन्होंने बताया कि इस पावन रथ यात्रा का श्रद्धालुओं को पूरे वर्ष बेसब्री से इंतजार रहता है।
