
सौसर, मोहगांव जलाशय प्रभावित किसानों की समस्याओं एवं मांगों के संबंध में बुधवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में कलेक्टर नीरज कुमार वशिष्ठ की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में किसानों ने भूमि अर्जन, पुनर्वास, मुआवजा, सड़क एवं पुल निर्माण सहित विभिन्न लंबित मामलों से संबंधित 14 सूत्रीय ज्ञापन सौंपकर समस्याओं के त्वरित निराकरण की मांग की।
इस अवसर पर अपर कलेक्टर श्रीमती ज्योति ठाकुर, एसडीएम पांढुर्णा श्रीमती अलका एक्का, जल संसाधन विभाग की एसडीओ श्रीमती संजना चौधरी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
*इन 14 प्रमुख बिंदुओं पर किसानों ने उठाई आवाज*
बैठक में किसानों ने अपनी विभिन्न लंबित मांगों और समस्याओं को प्रमुखता से रखा, जिनमें वर्ष 2023 से लंबित स्टाम्प शुल्क का लाभ दिलाना। सरकीखापा-नंदेवानी मार्ग पर दो हाई लेवल पुलों का निर्माण। भुम्मा-घोड़कीढ़ाना एवं भुम्मा-मुंगनापार सड़क निर्माण। मोहगांव जलाशय के 66 किसानों के विरुद्ध दर्ज प्रकरणों को वापस लेना। भूमि अर्जन मुआवजा प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं एवं एक ही परियोजना में दो अलग-अलग अवार्ड की जांच। मुंगनापार एवं नंदेवानी के सर्वेक्षण संबंधी प्रकरणों की जांच। इसी तरह नए भूमि अर्जन अधिनियम-2013 के अंतर्गत पात्र किसानों को लाभ दिलाना।अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति परिवारों को देय सहायता राशि व विस्थापित परिवारों को मासिक निर्वाह भत्ता प्रदान करना। भूमि अर्जन प्रक्रिया की उच्च स्तरीय जांच तथा विशेष राहत पैकेज की मांग शामिल है।
*स्टाम्प शुल्क मामले में प्रभावी फॉलोअप के निर्देश*
बैठक के दौरान स्टाम्प शुल्क के संबंध में जल संसाधन विभाग की एसडीओ श्रीमती संजना चौधरी एवं विभागीय अधिकारियों ने बताया कि इस विषय में राज्य शासन को प्रस्ताव भेजा जा चुका है, जो लगभग एक वर्ष से शासन स्तर पर लंबित है। इस पर कलेक्टर नीरज कुमार वशिष्ठ ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए प्रकरण का प्रभावी फॉलोअप करने, अब तक की गई कार्रवाई से अवगत कराने तथा लंबित मामले के शीघ्र निराकरण के लिए आवश्यक पहल करने के निर्देश दिए।
*हर सप्ताह होगी प्रकरणवार समीक्षा*
कलेक्टर वशिष्ठ ने कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन विभाग एवं अधीनस्थ अधिकारियों-कर्मचारियों को मोहगांव जलाशय से संबंधित सभी लंबित प्रकरणों की नियमित समीक्षा करने तथा प्रत्येक सप्ताह प्रकरणवार प्रगति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने राजस्व अपीलीय प्राधिकारी सहित अन्य लंबित मामलों में की गई कार्रवाई की नियमित जानकारी प्रस्तुत करने को कहा।
इसके साथ ही पुनर्वास एवं अन्य लंबित प्रकरणों के संबंध में कलेक्टर ने अधिकारियों को राज्य शासन, पुनर्वास आयुक्त एवं एसडीएम स्तर पर समन्वय स्थापित कर आवश्यक कार्रवाई करने तथा पात्र प्रभावित किसानों को नियमानुसार सभी देय अधिकार एवं सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। बैठक में उपस्थित अधिकारियों ने आश्वस्त किया कि सभी प्रकरणों का परीक्षण कर शासन के प्रावधानों के अनुरूप जल्द से जल्द आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
