इंदौर:शहर में सब्जियों एवं अन्य उपभोक्ता वस्तुओं की लगातार बढ़ती कीमतों ने गृहणियों की रसोई का बजट बिगाड़ दिया है. पिछले तीन महीनों में अधिकांश सब्जियां महंगी होने से गृहिणियों की चिंता बढ़ गई है, वहीं नौकरीपेशा, मध्यम और निम्न आय वर्ग पर महंगाई का सीधा असर पड़ रहा है.शहर में सब्जियों एवं अन्य उपभोक्ता वस्तुओं की बढ़ती कीमतों ने आम उपभोक्ताओं की परेशानी बढ़ा दी है. पिछले तीन महीनों के बाजार आंकड़ों के अनुसार जुलाई में अधिकांश हरी सब्जियों के दाम लगातार बढ़े हैं, जिससे रसोई का बजट पूरी तरह प्रभावित हो गया है.
वहीं अधिकांश उपभोक्ता वस्तुओं के दामों में भी इजाफा हो गया है. इस महंगाई का सबसे अधिक असर मध्यम और निम्न आय वर्ग के परिवारों पर देखने को मिल रहा है, जिन्हें अब जरूरत के हिसाब से ही सब्जियां एवं अन्य वस्तुएं खरीदनी पड़ रही हैं. गृहणियों का कहना है कि पहले जितनी राशि में सप्ताहभर की सब्जियां आ जाती थीं, अब उतने पैसों में दो-तीन दिन की सब्जियां ही आ पा रही हैं. वहीं बढ़ती महंगाई के असर ने नौकरीपेशा लोगों का मासिक बजट गड़बड़ा दिया है. व्यापारियों के अनुसार पिछले दिनों हुई तेज बारिश के कारण आवक में कमी और परिवहन लागत बढ़ने के कारण सब्जियों के दामों में लगातार उछाल बना हुआ है. यदि जल्द कीमतों में राहत नहीं मिली तो आने वाले दिनों में आम उपभोक्ताओं की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं.
इनका कहना है…
महंगाई का सबसे ज्यादा असर हम जैसे मध्यम वर्गीय परिवारों पर पड़ रहा है. बच्चों की जरूरतें घर का खर्च और अब महंगी सब्जियां, सब कुछ संभालना मुश्किल हो गया है.
– पूजा रघुवंशी ग्रहणी
हर दिन बढ़ती महंगाई से घर चलाना बहुत मुश्किल हो गया है. पहले हर तरह की सब्जी खरीद लेते थे, लेकिन अब दाम देखकर ही फैसला करना पड़ता है.
– शकुंतला बाई ग्रहणी
सब्जियों के दाम बढ़ने की मुख्य वजह मंडियों में आवक कम होना और बारिश के कारण फसल प्रभावित होना है. परिवहन खर्च भी बढ़ा है, जिससे सब्जियां महंगी हो रही हंै.
– हिम्मत भाई सब्जी व्यापारी
