
जबलपुर। प्रमोशन में आरक्षण मामले की सुनवाई करते हुए जस्टिस विवेक अग्रवाल तथा जस्टिस विनय सराफ की युगलपीठ ने सरकार को निर्देशित किया है कि प्रमोशन का क्वांटिफिएबल डाटा प्रतिवादियों को उपलब्ध कराये। युगलपीठ ने अपने आदेश में कहा है कि डाटा का अवलोकन कर प्रतिवादी 17 जुलाई तक अपनी आपत्ति दर्ज कर कराये। न्यायालय ने मामले की अगली सुनवाई 21 जुलाई को निर्धारित की है।
गौरतलब है कि भोपाल निवासी स्वाति तिवारी सहित अन्य की ओर से प्रमोशन में आरक्षण के संबंध में याचिका दायर की गयी थी। याचिका की सुनवाई के दौरान युगलपीठ को बताया गया कि पूर्व में महाधिवक्ता ने मौखिक रूप से आश्वासन दिया सरकार के द्वारा नये नियम के अनुसार पदोन्नति नही दी जायेगी। प्रदेश सरकार के द्वारा कर्मचारियों की प्रमोशन सूची जारी की गयी है। युगलपीठ को सुनवाई के दौरान बताया गया कि महाधिवक्ता का मौखिक आश्वासन रिकॉर्ड में नही है। युगलपीठ ने सुनवाई के दौरान पाया कि पूर्व में सरकार की तरफ से 28 अक्टूबर को सीलबंद लिफाफे में पदोन्नति नियम-2025 के रूल-5 के अनुसार की गई स्टडी व सर्वे का डाटा सीलबंद लिफाफे में पेश किया गया था। सरकार की ओर से अन्य दस्तावेज पेश करने समय लिया गया था। युगलपीठ ने सुनवाई के बाद अपने आदेश में कहा कि प्रतिवादियों को स्टडी व सर्वे का डाटा बुधवार तक उपलब्ध कराया जाये। जिसके आधार पर वह आपत्ति पेश कर सकें। याचिका की सुनवाई के दौरान सरकार की ओर से वरिष्ट अधिवक्ता सीएस वैधनाथन, महाधिवक्ता प्रशांत सिंह तथा याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता मनोज शर्मा व आपत्तिकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता मोहम्मद अली उपस्थित हुए।
