नई दिल्ली | 09 जनवरी, 2026: असम की रहने वाली भारतीय एथलेटिक्स सनसनी हिमा दास आज अपना 26वां जन्मदिन मना रही हैं। 9 जनवरी 2000 को जन्मी हिमा ने साल 2018 में फिनलैंड में हुई अंडर-20 विश्व चैंपियनशिप की 400 मीटर दौड़ में स्वर्ण पदक जीतकर पूरी दुनिया को चौंका दिया था। वह किसी भी आयु वर्ग में वर्ल्ड चैंपियनशिप का गोल्ड जीतने वाली पहली भारतीय एथलीट बनीं। इसके बाद उन्होंने 2018 एशियाई खेलों में रजत और दो स्वर्ण पदक जीते, जबकि 2019 में यूरोपीय सर्किट के दौरान महज दो महीनों में सात स्वर्ण पदक जीतकर ‘ढिंग एक्सप्रेस’ के रूप में अपनी पहचान पक्की की।
सफलता के शिखर पर पहुंचने के बाद हिमा दास के करियर में एक बड़ा मोड़ आया जब 2023 में नेशनल एंटी-डोपिंग एजेंसी (NADA) ने उन पर प्रतिबंध लगा दिया। डोपिंग नियमों के उल्लंघन के चलते उन्हें 16 महीने के लिए ट्रैक से दूर रहना पड़ा। यह निलंबन नवंबर 2024 में समाप्त हुआ। यह दौर हिमा के लिए मानसिक और शारीरिक रूप से बेहद चुनौतीपूर्ण रहा, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। 23 साल की उम्र में लगे इस झटके ने उनके करियर की रफ्तार पर कुछ समय के लिए ब्रेक जरूर लगाया, पर उनकी वापसी की जिद कभी कम नहीं हुई।
निलंबन खत्म होने के बाद 26 वर्षीय हिमा दास अब पूरी ऊर्जा के साथ मैदान पर लौटने की तैयारी में जुट गई हैं। जनवरी 2025 में गंगा स्नान कर उन्होंने अपने नए सत्र और मानसिक मजबूती का संकल्प लिया था। अब खेल प्रेमियों की नजरें उनकी आगामी प्रतियोगिताओं पर टिकी हैं। हिमा दास की कहानी केवल रिकॉर्ड्स और मेडल की नहीं, बल्कि गिरकर फिर से उठने के जज्बे की मिसाल है। उनकी वापसी भारतीय एथलेटिक्स के लिए एक नई उम्मीद लेकर आई है, जहाँ वह एक बार फिर तिरंगा लहराने के लिए बेताब हैं।

