
नीमच। कहते हैं मुश्किल वक्त में सही फैसला ही जिंदगी बचा लेता है। ऐसा ही नजारा नीमच-रतलाम मार्ग पर देखने को मिला, जहां 108 एंबुलेंस कर्मचारियों की सूझबूझ और तत्परता से एक प्रसूता की सुरक्षित डिलीवरी कराई गई। एंबुलेंस में ही नवजात की किलकारी गूंजी और जच्चा-बच्चा दोनों स्वस्थ रहे।
जानकारी के अनुसार रावतभाटा (राजस्थान) निवासी मंगला पति राजूलाल (24) को प्रसव पीड़ा के चलते जिला अस्पताल नीमच में भर्ती कराया गया था। चिकित्सकों ने बेहतर उपचार के लिए उन्हें मेडिकल कॉलेज रतलाम रेफर किया, जिसके बाद उन्हें 108 एंबुलेंस क्रमांक ष्टत्र04र्हृं1263 से रतलाम ले जाया जा रहा था।
रास्ते में डोडर चौराहे के समीप अचानक प्रसूता की प्रसव पीड़ा तेज हो गई। स्थिति को देखते हुए एंबुलेंस पायलट अशोक कुमार और ईएमटी विजय शाक्य ने तुरंत एंबुलेंस को सुरक्षित स्थान पर रोका और आवश्यक सावधानियां बरतते हुए प्रसव कराया।
कुछ ही देर में एंबुलेंस में नवजात की किलकारी गूंज उठी। प्रसव के बाद जच्चा और बच्चा दोनों सुरक्षित पाए गए। प्राथमिक उपचार के बाद दोनों को जिला अस्पताल रतलाम पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों की निगरानी में उनका उपचार जारी है।
