
सुरेश पाण्डेय पन्ना
पन्ना जिले के बृजपुर थाना अंतर्गत ग्राम इटवांखास मे एक दर्दनाक हादसा सामने आया है जिसमें एक आदिवासी परिवार अपने खेत की रखवाली के लिए घास की झोपड़ी बनाकर परिवार सहित रहता था। आदिवासी दम्पत्ति जलाऊ लकड़ी लेने के लिए जंगल गये थे जब लौटकर आये तो देखा कि झोपड़ी मे आग लग गई है। उनके दोनों मासूम बच्चे आग में जल गये हैं। सूचना मिलते ही तहसीलदार और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। जांच कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक देशु आदिवासी मूलतः अमानगंज क्षेत्र का रहने वाला है वह हाल मे बृजपुर थाना अंतर्गत इंटवाखास गाँव के निकट स्थित खेत की रखवाली करने के लिए खेत में घास की झोपड़ी बना कर अपनी पत्नी एवं बच्चों सहित रह रहा था। आज सुबह मृतक बच्चों के माता-पिता लकड़ी लेने जंगल गए थे, झोपड़ी में दोनों भाई अंकित आदिवासी उम्र 2 वर्ष एवं संदीप आदिवासी उम्र 3 वर्ष घास की बनी झोपड़ी में अकेले थे। उसी समय झोपड़ी में अज्ञात कारणों से अचानक आग लग गई। धीरे-धीरे आग ने विकराल रूप ले लिया और दोनों मासूम भाई आग की चपेट में आ गए। जिससे उनकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। बच्चों के परिजन लकड़ी लेकर जब वापस खेत में पहुंचे, तो खेत में बानी झोपड़ी जलकर खाक हो चुकी थी तथा उनके दोनों मासूम बच्चे आग में बुरी तरह से जल गए थे। इस खौफनाक हादसे के बाद आस-पास के लोगों ने तत्काल पुलिस को मामले की जानकारी दी। पुलिस द्वारा मामले की विवेचना की जा रही है। दो मासूम बच्चों के जिन्दा जलने की घटना के बाद से क्षेत्र में गम का माहौल है।
