इंदौर: नगर निगम द्वारा डाली गई नई नर्मदा पाइपलाइन भी शहर वासियों की प्यास नहीं बुझा सकी. जीवन की फेल क्षेत्र में जलापूर्ति रहवासियों के लिए परेशानी बनी हुई है. पर्याप्त पानी नहीं होने के साथ ही कई घरों में दूषित पानी पहुंचने से लोग पेयजल और स्वास्थ्य दोनों को लेकर परेशान हैं.शहर में जलापूर्ति व्यवस्था को बेहतर बनाने के दावों के बीच वार्ड क्रमांक 56 के जीवन की फेल क्षेत्र में पेयजल संकट बरकरार है.
यह मजदूर बहुल इलाका वर्षों से पानी की किल्लत झेल रहा है. पुरानी नर्मदा पाइपलाइन जगह-जगह क्षतिग्रस्त होने के कारण नियमित जलापूर्ति प्रभावित होती रही, जिससे बरसात, सर्दी और गर्मी हर मौसम में लोगों को पानी के लिए भटकना पड़ता था. कई परिवार सरकारी बोरिंग नगर निगम के टैंकरों और निजी टैंकरों पर निर्भर रहने को मजबूर रहे. समस्या के समाधान के लिए क्षेत्र में नई नर्मदा पाइपलाइन बिछाई गई, लेकिन हालात में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ. क्षेत्र में डाली गई नई लाइन से भी पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं मिल रहा है. इतना ही नहीं, घरों में दूषित पानी की आपूर्ति होने से स्वास्थ्य संबंधी चिंताएं भी बढ़ गई हैं. क्षेत्रवासियों ने नगर निगम से जलापूर्ति व्यवस्था दुरुस्त कर स्वच्छ एवं पर्याप्त पानी उपलब्ध कराने की मांग की है.
यह बोले रहवासी…
नर्मदा पानी आने का कोई निश्चित समय नहीं है. नल कभी आते हैं, कभी नहीं आते. क्षेत्र के बोरिंग पर लोग निर्भर हैं. नियमित तौर पर जल आपूर्ति की जाना चाहिए.
– मुकेश बेरैदे
पुरानी लाइन से दूषित पानी आ रहा था, अब नर्मदा की नई लाइन डाल दी गई है, लेकिन उसमें भी बदबूदार और पीला गटर जैसा पानी आता है.
– प्रदीप वर्मा
क्षेत्र की गलियों में जहां से नर्मदा लाइन का कनेक्शन आया है, वहां पॉइंट चेक करना चाहिए. गड़बड़ वहीं से है, उसको सुधारेंगे तो गंदे पानी की समस्या खत्म हो जाएगी.
– कांता वर्मा
