क्रूड की कीमतों में तेजी की मुख्य वजह अमेरिका ने ईरान पर अपनी नौसेना नाकाबंदी फिर से शुरू कर दी है। दोनों देशों की ओर से होर्मुज के आसपास लगातार हमले हो रहे हैं।
मिडिल ईस्ट में अमेरिका और ईरान के बीच जारी युद्ध का असर अब साफ तौर पर नजर आने लगा है। स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज में 20 फीसदी टैक्स लगाने के ट्रंप के बयान के बाद कच्चे तेल की कीमतों में तेज वृद्धि देखी गई। सोमवार के निचले स्तर से भाव 10 प्रतिशत उछलकर 85 डॉलर के करीब पहुंच गया, जो चार हफ्तों के हाई लेवल को छू लिया। क्रूड की कीमतों में तेजी की मुख्य वजह अमेरिका ने ईरान पर अपनी नौसेना नाकाबंदी फिर से शुरू कर दी है। दोनों देशों की ओर से होर्मुज के आसपास लगातार हमले हो रहे हैं। इन ताजा हमलों ने वैश्विक ईंधन आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
मंगलवार की सुबह ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 1.68 डॉलर या दो प्रतिशत मजबूत होकर 84.98 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा है। जबकि US वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड 1.65 डॉलर या 2.1 प्रतिशत बढ़कर 79.79 डॉलर प्रति बैरल हो गया। पिछले सत्र में ब्रेंट 9.6 प्रतिशत बढ़ा था, जो मई 2020 के बाद से एक दिन में सबसे बड़ी तेजी थी।
क्यों उछला क्रूड ऑयल का भाव?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में लिखा का कि अमेरिका को कार्गो पर 20 प्रतिशत फीस, या तेल ले जाने वाले पूरे सुपरटैंकरों पर 30 डॉलर मिलियन से ज्यादा का भुगतान किया जाना चाहिए। इसके अलावा US सेंट्रल कमांड ने लगातार तीसरी रात ईरान कई ठिकानों पर हमले किए। मंगलवार को ईस्टर्न टाइम के हिसाब से शाम 4 बजे से ईरानी पोर्ट्स में आने-जाने वाले जहाजों पर फिर से रोक लगा दी। सऊदी अरब, यूनाइटेड अरब अमीरात, कतर, बहरीन और कुवैत का हवाला देते हुए ट्रंप ने कहा कि US को वे देश पेमेंट करेंगे जो स्ट्रेट को प्रोजेक्ट करने में मदद कर रहे हैं।
अप्रैल-जून के दौरान 30 प्रतिशत से ज्यादा गिरने के बाद कच्चे तेल की कीमतें फिर से बढ़ रही हैं क्योंकि अमेरिका-ईरान सीजफायर लागू हो गया है और दोनों देशों ने चार महीने लंबे युद्ध को खत्म करने के लिए एक MoU पर भी साइन किए हैं। यह नाजुक सीजफायर ज़्यादा समय तक नहीं चला। रिपोर्ट्स यह भी बताती हैं कि ईरान पहले US नेवल ब्लॉकेड और इस बार के बीच के गैप में कम से कम 57 मिलियन बैरल क्रूड ऑयल बाहर भेजने में कामयाब रहा।
क्या और महंगा होगा कच्चा तेल?
इंफ्रास्ट्रक्चर कैपिटल मैनेजमेंट के चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर जे हैटफील्ड ने कहा कि वे बहुत ज्यादा रेट पर तेल बाहर भेज रहे थे। हमें लगता है कि हम इस 80 डॉलर के लेवल के आसपास ही रहेंगे, जब तक कि स्ट्रेट पर कोई हलचल न हो। लेकिन मुझे नहीं लगता कि हम 90 डॉलर या 100 डॉलर तक जाएंगे। और अगर स्ट्रेट फिर से खुलता है, तो हम जल्दी से 60 डॉलर तक पहुंच जाएंगे।
ट्रंप की मांग पर ईरान का पलटवार
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची के अनुसार, ईरान ने दोहराया है कि वे स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का नियंत्रण अपने पास रखे रहेंगे। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट में अमेरिकी राष्ट्रपित डोनाल्ड ट्रंप की 20 प्रतिशत फीस की मांग का मजाक उड़ाते हुए, इसे बहुत ज्यादा करार दिया है। अराघची ने कहा कि हम हम (ईरान) निष्पक्ष रहेंगे।
