
जबलपुर। अधारताल थाना अंतर्गत सुहागी सरस्वती कॉलोनी पन्नी मोहल्ला में चल रहे सेक्स रैकेट के मामले में पुलिस ने मकान मालिक को गिरफ्तार कर पूछताछ की तो नए खुलासे हुए। आरोपी मकान मालिक पीडब्ल्यूडी सीनियर इंजीनियर ऑफिस में बाबू के पद पर पदस्थ था जिसके संरक्षण मेें देह व्यापार संचालित हो रहा था। जिसमें उसकी हिस्सेदारी भी थी। रविवार को पुलिस ने उसे न्यायालय के समक्ष पेश किया जहां से उसे जेल भेज दिया गया है। जबकि मामले में शनिवार को पुलिस ने संचालिका और उसके पति, पुत्र, तीन ग्राहकों को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेजा था।
विदित हो कि सुहागी सरस्वती कॉलोनी पन्नी मोहल्ला में निमेष विनोदिया के मकान में बीते चार साल से देह व्यापार संचालित हो रहा था। पुलिस टीम ने शुक्रवार को घेराबंदी कर दबिश दी थी। मौके से संचालिका मंजू निखर 41 वर्ष निवासी सुहागी सरस्वती कालोनी पन्नी मोहल्ला और उसके पति मुकेश निखर एवं पुत्र आरूष निखर को दबोचा गया था। ग्राहक अभय सिंह, सुबोध सिंह, संजय चौरसिया को भी पकड़ा गया था । ग्राहकों को मोबाइल पर फोटो भेजकर एक-एक हजार रूपए में सौदेबाजी हुई थी। पुलिस ने सभ्ीा को गिरफ्तार कर प्रकरण दर्ज किया था। कार्रवाई के दौरान एक पीडि़ता को भी आरोपियों के चंगुल से मुक्ति कराया गया था। मकान मालिक निमेष विनोदिया फरार हो गया था। सीएसपी आशीष जैन ने बताया कि निमेष विनोदिया निवासी सिविल लाइन को गिरफ्तार कर रविवार को न्यायालय के समक्ष पेश किया गया जहां से उसे भी जेल भेज दिया गया है। आरोपी मकान मालिक पीडब्ल्यूडी सीनियर इंजीनियर ऑफिस में बाबू के पद पर पदस्थ था जिसके संरक्षण मेें देह व्यापार का कारोबार चल रहा था बल्कि इस कारोबार में उसकी हिस्सेदारी भी थी।
