भोपाल। मध्यप्रदेश पुलिस ने गुमशुदा व्यक्तियों की तलाश और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए प्रदेश के सभी पुलिस अधिकारियों को प्रत्येक गुमशुदगी के मामले में अनिवार्य रूप से प्रथम सूचना रिपोर्ट (एफआईआर) दर्ज करने के निर्देश जारी किए हैं। यह व्यवस्था महिला और पुरुष, दोनों प्रकार के गुमशुदा व्यक्तियों पर समान रूप से लागू होगी।
पुलिस मुख्यालय ने इस संबंध में प्रदेश के सभी पुलिस आयुक्तों, पुलिस महानिरीक्षकों, उप पुलिस महानिरीक्षकों तथा पुलिस अधीक्षकों को तत्काल प्रभाव से निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने के लिए कहा है।
यह निर्णय जी. गणेश बनाम तमिलनाडु राज्य एवं अन्य मामले में उच्चतम न्यायालय द्वारा दिए गए हालिया आदेश के अनुपालन में लिया गया है। इससे पहले वर्ष 2012 में बचपन बचाओ आंदोलन प्रकरण में सर्वोच्च न्यायालय ने केवल गुमशुदा बच्चों के मामलों में अनिवार्य एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया था। अब यह व्यवस्था सभी गुमशुदा व्यक्तियों के मामलों पर लागू होगी।
पुलिस मुख्यालय ने स्पष्ट किया है कि प्रत्येक मामले में तत्काल जांच शुरू की जाए तथा उपलब्ध सभी कानूनी और तकनीकी संसाधनों का उपयोग करते हुए गुमशुदा व्यक्ति का शीघ्र पता लगाया जाए। इस पहल का उद्देश्य नागरिकों की सुरक्षा को और अधिक सुदृढ़ करना तथा उनके अधिकारों की प्रभावी रक्षा सुनिश्चित करना है।
