
उज्जैन. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को नागदा में 5017 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले 98.73 किलोमीटर लंबे उज्जैन-जावरा फोरलेन ग्रीनफील्ड हाईवे का भूमि पूजन किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक उज्जैन जावरा ग्रीनफील्ड नहीं है बल्कि समृद्धि का रास्ता है । इससे महाकुंभ 2028 में आने वाले यात्रियों श्रद्धालुओं के साथ ही किसानों व्यापारियों को भी बड़ा लाभ होगा.
नागदा के लिए केंद्रीय विद्यालय का शुभारंभ करने के साथ नवीन आईटीआई कॉलेज, चंबल नदी पर बांध निर्माण, मटर मंडी के लिए शासकीय भूमि आवंटन और निजी फूड प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित कराने की घोषणा भी सीएम ने घोषणा की।
दिल्ली मुंबई से कनेक्टिविटी
मुख्यमंत्री ने कहा कि उज्जैन-जावरा ग्रीनफील्ड हाईवे बनने से नागदा सहित पूरे क्षेत्र के औद्योगिक, आर्थिक और सामाजिक विकास को नई गति मिलेगी। यह मार्ग दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे से सीधी कनेक्टिविटी प्रदान करेगा और सिंहस्थ-2028 के दौरान श्रद्धालुओं के आवागमन को भी सुगम बनाएगा।
सड़क नेटवर्क का विस्तार
प्रदेश में सड़क और आधारभूत ढांचे के विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। सिंहस्थ महापर्व को ध्यान में रखते हुए सड़क नेटवर्क का विस्तार किया जा रहा है ताकि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिल सकें। मुख्यमंत्री ने कहा कि मालवा क्षेत्र को औद्योगिक हब के रूप में विकसित करने के प्रयास जारी हैं और इससे युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
विद्यालय का शुभारंभ
कार्यक्रम के दौरान नागदा में केंद्रीय विद्यालय का भी शुभारंभ किया गया। पहले चरण में कक्षा पहली से पांचवीं तक की पढ़ाई शुरू होगी। प्रत्येक कक्षा में 40 विद्यार्थियों के हिसाब से कुल 200 सीटों पर प्रवेश दिया जाएगा। इनमें 25 प्रतिशत सीटें शिक्षा का अधिकार (आरटीई) के तहत आरक्षित रहेंगी। नियमित कक्षाएं 3 अगस्त से प्रारंभ होंगी।
राष्ट्रीय स्तर की सुविधा
मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्रीय विद्यालय खुलने से नागदा और आसपास के विद्यार्थियों को राष्ट्रीय स्तर की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा अपने क्षेत्र में ही उपलब्ध होगी। विद्यालय में आधुनिक शिक्षण सुविधाएं, प्रयोगशालाएं, पुस्तकालय, खेल और सह-शैक्षणिक गतिविधियों की व्यवस्था की जाएगी।
राज्यपाल भी हुए शामिल
कार्यक्रम में कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने कहा कि नागदा क्षेत्र लंबे समय से बेहतर सड़क और केंद्रीय विद्यालय की मांग कर रहा था, जो अब पूरी हो गई है। उन्होंने विश्वास जताया कि हाईवे परियोजना सिंहस्थ से पहले पूरी होने पर श्रद्धालुओं और क्षेत्रवासियों दोनों को लाभ मिलेगा।
हेलमेट भी वितरित किए
इस दौरान जनसेवा प्रहरी योजना का शुभारंभ किया गया तथा सड़क सुरक्षा से जुड़े स्वयंसेवकों को हेलमेट वितरित किए गए। संबल योजना के हितग्राहियों को सहायता राशि के चेक भी प्रदान किए गए। फूड प्रोसेसिंग यूनिट से जुड़े स्वयं सहायता समूहों को बैंक ऋण उपलब्ध कराया गया तथा समृद्ध किसानों पर आधारित पुस्तक का विमोचन भी किया गया।
ऋण मुक्तेश्वर मंदिर में पूजन
नागदा प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री ने ऋण मुक्तेश्वर महादेव मंदिर पहुंचकर पूजा-अर्चना की। इसके बाद बिरलाग्राम एयर स्ट्रिप पहुंचने पर जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। कार्यक्रम में राज्यपाल थावरचंद गहलोत, प्रभारी मंत्री गौतम टेटवाल, सांसद अनिल फिरोजिया, विधायक तेज बहादुर सिंह चौहान सहित जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।
बॉक्स
जलेबियां भी बनाई
मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव उज्जैन में देर रात तक घूमते रहे और सिंहस्थ 2028 के मद्देनजर विकास कार्यों को देखते रहे, इसी दौरान में सतीगेट,कंठाल, तेलीवाड़ा क्षेत्र में भी पहुंचे, यहां पर व्यवसयियों से बात की,रहवासीयों से निर्माण कार्य पर चर्चा की और एक रेस्टोरेंट में रुककर अपने हाथों से जलेबीयाँ भी बनाई ।
