इंदौर:बरसात थमने के बाद नगर निगम के अधिकारियों की आगे और क्या तैयारी है यहां अभी देखना बाकी है.सतत पांच दिन से हो रही बरसात ने शुक्रवार देर रात से थम गई. लेकिन इन दिनों शहर में हर नागरिक परेशान था. इनमें अधिकतर वाहन चालकों को कई परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था क्योंकि शहर की अधिकतर सड़कें पानी की निकासी न होने के कारण डूब चुकी थी.
नगर निगम अधिकारी और जिम्मेदार हमेशा दावा करते आए हैं लेकिन इस वर्ष भी सारे दावे ध्वस्त हो गए. मौसम विभाग और खबरों के अनुसार माने तो आने वाले समय में प्रदेश के अधिकतर जिलों में बाढ़ जैसी स्थिति बताई जा रही है. अब देखना यह होगा कि बरसात रुकने के बाद नगर निगम के अधिकारी और जिम्मेदारों ने क्या योजना बनाई है, ताकि शहर में दोबारा जल जमाव की स्थिति न बन सके और डूब क्षेत्र के रहवासियों को किस तरह से सुरक्षित कर सकेंगे.
इनका कहना है
निगम अधिकारियों को पता है कि किन क्षेत्रों में जल जमाव की स्थिति गंभीर हैं बरसात थमी हुई है. इन दिनों निगम को चाहिए कि सटीक योजना पर कम करें.
– आनंदीलाल पंचोली
डूब क्षेत्र के रहवासियों को बालवाड़ी या स्कूलों में ठहराना योजना नहीं होती. फिर से मौका है कि गंभीरता से योजना पर काम किया जाए. गलतियां सुधार की आवश्यकता है.
– रमन बोरासी
अधिकारियों द्वारा बिना जांच किए कॉलोनाइजरों को परमिशन दी गई. बरसात के पानी की निकासी कैसे होगी. जहां से पानी की निकासी है वहीं कॉलोनी डेवलप कर दी गई.
– कल्लन शाह
