सिंगरौली : जिला चिकित्सालय सह ट्रामा सेंटर अव्यवस्थाओं से घिरा हुआ है। आलम यह है कि यहां इन दिनों स्टेचर एवं व्हील चेयर पर्याप्त मात्रा में न होने से मरीजो की फजीहत हो रही है।गौरतलब है कि जिले में डीएमएफ के करीब एक हजार रूपये सलाना का बजट है। लेकिन अभी तक डीएमएफ फंड का उपयोग कहां हुआ, यह बात किसी से भी छुपी नही है। जिला चिकित्सालय सह ट्रामा सेंटर को आधुनिक संसाधनयुक्त बनाने का दावा नेताओं एवं अधिकारियों के द्वारा किया जा रहा है, लेकिन यह दावा केवल कागजो तक सीमित है।
जीता जागता उदाहरण स्टेचर एवं व्हील चेयर का है। जहां मरीज स्टेचर के अभाव में आधा से लेकर एक घंटे तक इंतजार करते रहते हैं। सिविल सर्जन ने भी माना है कि उक्त समस्या है, समाधान किये जाने का प्रयास जारी है। इधर स्टेचर जैसे छोटे-मोटे सामग्रियां जब नही हैं तो इसी से अंदाजा लगाया जा सकता है कि जिला प्रशासन एवं भाजपा सरकार स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर कितना संवेदनशील है। फिलहाल इन्ही सब कारणों से मरीज जिला चिकित्सालय की ओर न आकर प्राइवेट एवं क्लिनिक एवं नर्सिंग होम का शरण लेने को मजबूर हो रहे हैं।
इनका कहना:-
कई महीनो से स्टेचर आया नही है, मांग पत्र भेजा गया है, पुराने जो टूटे-फुटे हैं, उनका मरम्मत कराने के लिए दिया गया है। हर वार्डो में एक स्टेचर एवं एक व्हील चेयर है।
डॉ. कल्पना रवि
सिविल सर्जन
जिला चिकित्सालय, बैढ़न
