हरिद्वार | हरिद्वार-देहरादून राजमार्ग पर बीती रात मोतीचूर फ्लाईओवर पर एक दर्दनाक सड़क हादसा पेश आया, जिसमें उत्तराखंड रोडवेज की बस सहित छह वाहन आपस में टकरा गए। टक्कर इतनी भीषण थी कि सीएनजी कार में आग लग गई, जिसने देखते ही देखते अन्य वाहनों को भी चपेट में ले लिया। इस हादसे में ट्रैक्टर-ट्रॉली में सवार 30 वर्षीय महिला कुसुम की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 15 अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। चश्मदीदों के अनुसार, आग की लपटें इतनी तेज थीं कि हाईवे पर कई किलोमीटर तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा और लंबा जाम लग गया।
इस दुर्घटना ने बिजनौर के एक गरीब परिवार को पूरी तरह उजाड़ दिया है। मृतक कुसुम के पति सचिन दोनों हाथों से दिव्यांग हैं और काम करने में असमर्थ हैं। घर की एकमात्र कमाऊ सदस्य कुसुम ही मेहनत-मजदूरी कर अपने तीन छोटे बच्चों और पति का भरण-पोषण कर रही थी। हादसे के वक्त पूरा कुनबा देहरादून में झंडे जी का मेला देखकर लौट रहा था, तभी बस की टक्कर से कुसुम उछलकर एक ट्रॉले के टायर के नीचे आ गई। जिला अस्पताल में अपनी मां के क्षत-विक्षत शव को देख मासूम बच्चों का विलाप सुन वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम हो गईं।
एसपी सिटी के अनुसार, हादसा उस समय हुआ जब ऋषिकेश से हरिद्वार की ओर जा रही ट्रैक्टर-ट्रॉली ने टर्न लेने के लिए गति कम की, तभी पीछे से आ रही तेज रफ्तार उत्तराखंड रोडवेज की बस ने उसे जोरदार टक्कर मार दी। इसके बाद पीछे से आ रही स्कार्पियो और अन्य गाड़ियां एक-दूसरे में घुस गईं। स्कार्पियो की सीएनजी किट फटने से आग ने विकराल रूप ले लिया। पुलिस ने रात में ही रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा और घायलों को अस्पताल पहुंचाया। फिलहाल, पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

