दिल्ली, हरियाणा और हिमाचल में मानसून का असर तेज। IMD ने कई जिलों में ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी करते हुए भारी बारिश, तेज हवाओं, बिजली गिरने और फ्लैश फ्लड की चेतावनी दी है।
राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों में मानसून पूरी तरह सक्रिय हो चुका है। इसके प्रभाव से उत्तर भारत के कई राज्यों में लगातार बारिश का दौर जारी है। भारत मौसम विज्ञान विभाग ने हरियाणा के कई जिलों में भारी बारिश, तेज हवाओं और गरज-चमक को लेकर ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है। वहीं हिमाचल प्रदेश के कई जिलों में अगले कुछ दिनों तक भारी वर्षा, भूस्खलन और फ्लैश फ्लड का खतरा जताया गया है।
हरियाणा के कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट
मौसम विभाग के अनुसार 10 जुलाई को हरियाणा के करनाल, पानीपत, सोनीपत, रोहतक, गुरुग्राम और फरीदाबाद में भारी बारिश की संभावना को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं दूसरी ओर झज्जर, रेवाड़ी, महेंद्रगढ़, पलवल, नूंह, यमुनानगर, अंबाला और पंचकूला के लिए येलो अलर्ट घोषित किया गया है। हालांकि हिसार, सिरसा, फतेहाबाद, भिवानी, जींद, कैथल और कुरुक्षेत्र फिलहाल ग्रीन जोन में हैं, जहां पर मौसम सामान्य रहने का अनुमान लगाया जा रहा है।
गुरुग्राम और करनाल में सबसे ज्यादा बारिश
रिपोर्ट के अनुसार बीते पिछले 24 घंटों के दौरान हरियाणा में सबसे अधिक वर्षा गुरुग्राम में 83 मिमी और करनाल में 79.5 मिमी दर्ज की गई। जबरकि लगातार बारिश होने के कारण सिरसा जिले में बहने वाली घग्गर नदी का जलस्तर भी बढ़ रहा है, जिससे प्रशासन की निगरानी भी बढ़ा दी गई है।
चंडीगढ़ में सोमवार तक बारिश का दौर
बता दें कि चंडीगढ़ में दक्षिण-पश्चिम मानसून पूरी तरह सक्रिय है। मौसम विभाग ने बताया कि सोमवार तक रुक-रुक कर बारिश जारी रहने की संभावना है। वहीं कुछ स्थानों पर भारी बारिश भी हो सकती है। लगातार बारिश के कारण अधिकतम तापमान गिरकर 28.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से करीब 5.5 डिग्री कम है।
हिमाचल में 15 जुलाई तक भारी बारिश की चेतावनी
शिमला के मौसम विज्ञान केंद्र ने बताया कि प्रदेश में 10 से 15 जुलाई के बीच कई जिलों में भारी बारिश होने की संभावना है। इतना ही नही बल्कि मंडी, शिमला, सोलन, कांगड़ा, कुल्लू, चंबा और किन्नौर में अगले 3 से 4 दिनों के दौरान तेज वर्षा हो सकती है। इसके अलावा किन्नौर और लाहौल-स्पीति में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। लगातार बारिश होने के कारण भूस्खलन, सड़कों पर मलबा, जलभराव और यातायात बाधित होने का खतरा बना हुआ है।
फ्लैश फ्लड का भी खतरा
मिली जानकारी के मुताबिक मौसम विभाग ने विशेष रूप से किन्नौर और लाहौल-स्पीति के स्पीति क्षेत्र में फ्लैश फ्लड की आशंका जताई है। हाल ही में किन्नौर के लिप्पा क्षेत्र में एक नाले में अचानक आई बाढ़ ने खतरे की गंभीरता को भी उजागर किया है।
IMD की लोगों से अपील
मौसम विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि—
- भारी बारिश के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें।
- नदी, नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहें।
- भूस्खलन संभावित इलाकों में अतिरिक्त सावधानी बरतें।
- मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी एडवाइजरी का पालन करें।
- खराब दृश्यता और फिसलन के कारण वाहन सावधानी से चलाएं।
उत्तर भारत में मानसून की सक्रियता फिलहाल बनी रहने की संभावना है। आपको बताते चलें कि ऐसे में आने वाले अगले कुछ दिनों तक कई राज्यों में बारिश, तेज हवाओं और बिजली गिरने की घटनाएं देखने को मिल सकती हैं।मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने और मौसम के ताजा अपडेट पर नजर बनाए रखने की सलाह दी है।
