
सौसर। सौसर का महिला एवं बाल विकास विभाग इन दिनों सुर्ख़ियों में है। यहां पदस्थ परियोजना अधिकारी (CDPO) कमल कुमार पर विभाग की ही एक महिला कर्मचारी ने ‘मर्यादा की दीवार’ लांघने के गंभीर आरोप लगाए हैं। दहशत और अपमान के साये में जी रही पीड़िता ने अब पुलिस की शरण ली है।
कुर्सी का रसूख और बुरी नीयत
एक महिला कंप्यूटर ऑपरेटर ने पुलिस को दी अपनी शिकायत में सीडीपीओ के कथित हरकतों के खुलासे किए हैं। पीड़िता का आरोप है कि परियोजना अधिकारी कमल कुमार चेंबर में आकर अक्सर बुरी नीयत से छेड़छाड़ करते हैं। जब भी पीड़िता ने अपनी गरिमा की रक्षा के लिए विरोध किया, तो साहब ने नौकरी से बाहर करने की धमकी देकर उसका मुंह बंद करने की कोशिश की।
दहशत में पीड़िता: पदस्थापना से ही जारी है प्रताड़ना का दौर
शिकायत के अनुसार, यह प्रताड़ना कोई एक दिन की घटना नहीं है। जब से कमल कुमार की सौसर में जॉइनिंग हुई है, तभी से वे महिला कर्मचारी को मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित कर रहे हैं। अधिकारी की हरकतों से पीड़िता डरी और सहमी है।
प्रशासनिक जांच का इंतजार
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस फूंक-फूंक कर कदम रख रही है। सौसर टीआई रूपलाल उईके ने स्पष्ट किया कि मामला उच्चाधिकारियों के संज्ञान में है। टीआई उईके का कहना है कि हमने शिकायत को जांच में लिया है। विभागीय जिला कार्यक्रम अधिकारी की जांच रिपोर्ट का इंतजार है। रिपोर्ट आते ही पुलिस अपना काम करेगी और दोषी के विरुद्ध सख्त विधि संगत कार्यवाही की जाएगी।
इधर आरोपों को लेकर जब सीडीपीओ कमल कुमार से चर्चा की गई तो उन्होंने कंप्यूटर ऑपरेटर की शिकायत को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि जांच में दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा। बहरहाल यह मामला सामने आने के बाद महिलाओं की सुरक्षा का जिम्मा उठाने वाला विभाग खुद कटघरे में खड़ा हो गया है।
परियोजना अधिकारी के पक्ष में सड़कों पर उतरीं आंगनवाड़ी कार्यकर्ता
महिला एवं बाल विकास परियोजना अधिकारी कमल कुमार पर लगे छेड़छाड़ के आरोपों ने अब एक नया मोड़ ले लिया है। जहाँ एक ओर कंप्यूटर ऑपरेटर ने अधिकारी पर प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए हैं, वहीं दूसरी ओर सैकड़ों आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने अधिकारी के समर्थन में मोर्चा खोल दिया है। बुधवार को बड़ी संख्या में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने एसडीएम कार्यालय पहुंचकर एक ज्ञापन तहसीलदार को सौंपा। ज्ञापन में कार्यकर्ताओं ने परियोजना अधिकारी कमल कुमार का पुरजोर बचाव किया है। कार्यकर्ताओं का दावा है कि अधिकारी पर लगाए गए आरोप ‘निराधार’ और ‘साजिश’ का हिस्सा हैं। उन्होंने एसडीएम से मांग की है कि शिकायतकर्ता कंप्यूटर ऑपरेटर तत्काल अपनी शिकायत वापस ले और सार्वजनिक रूप से माफी मांगे।
