सतना: ग्रीष्मकालीन मूंग और उड़द की समर्थन मूल्य पर खरीदी में आ रही समस्याओं को लेकर भारतीय किसान संघ, सतना महाकौशल प्रांत ने केंद्रीय कृषि मंत्री एवं मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा भारतीय किसान संघ का कहना है कि वर्तमान में ग्रीष्मकालीन मूंग और उड़द की खरीदी के लिए प्रति एकड़ केवल 1.25 क्विंटल की सीमा निर्धारित की गई है, जबकि खेतों में वास्तविक उत्पादन 4 से 5 क्विंटल प्रति एकड़ तक हो रहा है। ऐसी स्थिति में अधिकांश किसान अपनी उपज समर्थन मूल्य पर बेचने से वंचित रह जाते हैं और उन्हें बाजार में कम कीमत पर फसल बेचने के लिए मजबूर होना पड़ता है।
ज्ञापन में मांग की गई है कि खरीदी की सीमा बढ़ाकर न्यूनतम 5 क्विंटल प्रति एकड़ की जाए। साथ ही किसानों की सुविधा के अनुसार अतिरिक्त खरीदी केंद्र स्थापित किए जाएं, ताकि दूर-दराज के किसानों को परेशानी का सामना न करना पड़े।संघ ने यह भी मांग की है कि गिरदावरी या पंजीयन से वंचित किसानों को दोबारा पंजीयन का अवसर दिया जाए, जिससे कोई भी पात्र किसान योजना के लाभ से वंचित न रहे। इसके अलावा मूंग एवं उड़द की 100 प्रतिशत उपज समर्थन मूल्य पर खरीदे जाने की व्यवस्था लागू करने की मांग भी की गई है।
भारतीय किसान संघ ने सरकार से किसानों के हित में शीघ्र निर्णय लेकर आवश्यक आदेश जारी करने की मांग की है। संघ का कहना है कि यदि समय रहते समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो दलहन उत्पादक किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा।
