
भोपाल। मंत्री चैतन्य कश्यप ने आज कैबिनेट बैठक के बाद पत्रकारों से चर्चा में सरकार के महत्वपूर्ण निर्णयों और उपलब्धियों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि राज्य ने पिछले 30 से 40 वर्षों से लंबित अंतर्राज्यीय मुद्दों का समाधान कर बड़ी सफलता हासिल की है। सरदार सरोवर परियोजना से जुड़े विवाद के समाधान के तहत गुजरात सरकार 75 प्रतिशत व्यय वहन करेगी, जबकि समझौते के अनुसार मध्यप्रदेश सरकार गुजरात को 217 करोड़ रुपये देगी। उन्होंने इसे संबंधित राज्यों के समन्वित विकास की दिशा में अहम कदम बताया।
कश्यप ने बताया कि केंद्र की ज्ञान भारतम योजना के तहत पांडुलिपियों के संकलन, डिजिटलीकरण और संरक्षण में मध्यप्रदेश देश में पहले स्थान पर पहुंच गया है। अब तक 34 लाख से अधिक पंजीयन और 12 लाख सत्यापन पूरे किए जा चुके हैं। टीकमगढ़ से मिला 10 फीट लंबा जम्बूद्वीप का मानचित्र इस अभियान की विशेष उपलब्धि है।
उन्होंने कहा कि जापान में आयोजित अंडर-18 हॉकी एशिया कप में मध्यप्रदेश के खिलाड़ियों ने छह स्वर्ण और चार कांस्य पदक जीतकर प्रदेश का गौरव बढ़ाया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रत्येक स्वर्ण पदक विजेता को तीन लाख और कांस्य पदक विजेता को एक लाख रुपये देने की घोषणा की है।
मंत्री ने बताया कि भोपाल में 70 हेक्टेयर क्षेत्र में सतगढ़ी इंडस्ट्रियल पार्क विकसित किया जाएगा तथा 25 हेक्टेयर भूमि अंतरराष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर के लिए आरक्षित की गई है। इसके अलावा कैबिनेट ने स्वामित्व योजना के तहत ग्राम पंचायत क्षेत्रों में पट्टों पर स्टाम्प शुल्क नहीं लेने और अतिरिक्त उपकर का भार राज्य सरकार द्वारा वहन करने का निर्णय लिया है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में 800 करोड़ रुपये की लागत से अत्याधुनिक डेटा सेंटर स्थापित किया जाएगा। साथ ही नए वक्फ कानून के अनुरूप वक्फ बोर्ड का गठन करने वाला मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य बन गया है, जिसमें गैर-मुस्लिम प्रतिनिधियों को भी शामिल किया गया है। नगरीय विकास विभाग की “नमो हरित योजना” के तहत सभी नगरों में नगर वन विकसित किए जाएंगे, जिसके लिए अगले पांच वर्षों में 100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
