अंकारा, 07 जुलाई (वार्ता) अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को संकेत दिया कि उनकी सरकार तुर्की को एफ-35 स्टेल्थ लड़ाकू विमान बेचने पर जल्द निर्णय ले सकती है। इसके साथ ही उन्होंने रूस निर्मित एस-400 वायु रक्षा प्रणाली की खरीद के कारण तुर्की पर लगाये गये अमेरिकी प्रतिबंध हटाने की भी घोषणा की।
तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तैयप अर्दाेगान के साथ द्विपक्षीय बैठक के दौरान श्री ट्रंप ने कहा कि तुर्की अमेरिका का एक “असाधारण सहयोगी” रहा है और कई अन्य देशों की तुलना में अधिक वफादार साबित हुआ है। उन्होंने कहा, “तुर्की के साथ हमारे संबंध बेहतर हैं और उसने कई मामलों में उन देशों से अधिक निष्ठा दिखाई है, जिनसे हम ऐसी उम्मीद करते थे।”
श्री ट्रंप ने कहा कि कई लोगों का मानना है कि रूसी एस-400 प्रणाली खरीदने के बावजूद तुर्की को एफ-35 लड़ाकू विमान खरीदने की अनुमति मिलनी चाहिए।
उन्होंने कहा, “यह निश्चित रूप से ऐसा विषय है जिस पर हम विचार कर रहे हैं। एफ-35 एक बेहतरीन विमान है और वर्तमान में सबसे श्रेष्ठ लड़ाकू विमान है।
एस-400 प्रणाली की खरीद को लेकर लगाये गये प्रतिबंधों के संबंध में पूछे जाने पर श्री ट्रंप ने कहा, “हम प्रतिबंध हटाने जा रहे हैं। हम अपने मित्र देशों पर प्रतिबंध नहीं लगाना चाहते।” उधर इस प्रस्तावित सौदे को लेकर इज़रायल ने अपनी चिंता दोहराई है। इज़रायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने सोमवार को कहा था कि तुर्की को अत्याधुनिक एफ-35 विमान उपलब्ध कराने से पश्चिम एशिया में सामरिक शक्ति संतुलन प्रभावित हो सकता है।
श्री नेतन्याहू ने फॉक्स न्यूज को दिये साक्षात्कार में कहा कि “मुस्लिम ब्रदरहुड से प्रभावित शासन” को इस तरह के अत्याधुनिक लड़ाकू विमान उपलब्ध कराने से क्षेत्रीय शक्ति संतुलन बिगड़ सकता है, जो अब तक इज़रायल की वायु श्रेष्ठता और अमेरिका की सामरिक मौजूदगी से कायम है।
