
अशोकनगर। बहादुरपुर में रविवार सुबह पुराने बिजली कंपनी दफ्तर के सामने आत्माराम समाधिया उपभोक्ता के घर में लगा मीटर तेज विस्फोट के साथ कई टुकड़ों में बंट गया। उन्होंने बताया कि घर के पंखा, कूलर और एक एलईडी में भी धुंआ निकला। यह उपकरण खराब हुए है या नहीं, यह पता नहीं चल सका क्योंकि इस मोहल्ले की बिजली आपूर्ति दिन भर चालू नहीं हो सकी। इस मोहल्ले में राममनोहर तिवारी, डॉ शिवम यादव सहित अन्य उपभोक्ताओं के घरों में भी बिजली उपकरण खराब हो गए।
इधर, शनिवार दोपहर को करीब पांच मिनट तक चली आंधी के बाद बिजली कंपनी के कामकाज और मेंटिनेंस का सच सामने आ गया। शनिवार दोपहर से गुल हुई बिजली देर रात बारह बजे तक चालू हो सकी तो रविवार दिन में भी 7 घंटे तक बिजली आपूर्ति पूरी तरह से बंद रही। खास बात है कि मेंटिनेंस करने के लिए कंपनी के पास कर्मचारी ही नहीं थी, दूसरे फीडर के लाइन मैंन और एक ठेकेदार के कर्मचारियों ने मोर्चा संभाला तब कहीं जाकर बिजली आपूर्ति बहाल हो सकी।
बिजली नहीं थी, प्रसूता को रिफर करना पड़ा
स्थानीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में शनिवार दोपहर से भर्ती एक प्रसूता का प्रसव भी नहीं कराया जा सका, उसे सिविल अस्पताल मुंगावली भेजा गया। डॉ शिवम् यादव ने बताया कि ज्योति पत्नी प्रतिपाल विश्वकर्मा निवासी सुमेर को दोपहर में अस्पताल लाया गया था। रात होते होते उसे प्रसव वेदना बढ़ने लगी। वहीं अस्पताल में बिजली नहीं थी, यदि कोई इमरजेंसी होती तो ऑक्सीजन भी नहीं दे सकते थे। ऐसे में ड्यूटी नर्स चारु शर्मा ने स्थिति की जानकारी दी तो प्रसूता को सिविल अस्पताल मुंगावली रिफर किया गया।
इनका कहना है
शनिवार को 33 केव्ही में भी कई जगह फॉल्ट आए थे और 11 केवी, सर्विस लाइन भी फॉल्ट हो गई थी। देर रात बमुश्किल व्यवस्था बनाई गई। सुबह होते ही पावर हाउस में एक उपकरण जल गया। हाल ही में कर्मचारियों के ट्रांसफर हुए हैं, इसलिए कई कर्मचारी मौके पर नहीं थे। इसलिए ठेकेदार की सहायता लेनी पड़ी।
माहेश्वर सिंह, कनिष्ठ अभियंता, वितरण केंद्र बहादुरपुर
