
जबलपुर। प्रमोशन में आरक्षण संबंधी याचिका की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट के कार्यवाहक चीफ जस्टिस विवेक रूसिया तथा जस्टिस प्रदीप मित्तल को बताया गया कि मौखिक आदेश के बावजूद भी सरकार प्रमोशन लिस्ट जारी कर रही है। सरकार के द्वारा विभिन्न विभाग में प्रमोशन के लिए डीपीसी करवाई जा रही है। जिसके कारण प्रशासनिक जटिलता बढ सकती है। युगलपीठ ने सुनवाई के बाद इस संबंध में फैसला सुरक्षित रखते हुए अगली सुनवाई 13 जुलाई को निर्धारित की गयी है।
गौरतलब है कि भोपाल निवासी स्वाति तिवारी तथा अन्य की तरफ से प्रमोशन में आरक्षण को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर की गयी थी। याचिका में कहा गया था कि पूर्व तथा नवीन प्रमोशन पॉलिसी को कोई अंतर नही है। याचिका पर पूर्व में हुई सुनवाई के दौरान सरकार की तरफ से हाईकोर्ट में मौखिक रूप से नयी प्रमोशन पॉलिसी लागू नहीं किये जाने की जानकारी दी थी।
याचिका पर मंगलवार को हुई सुनवाई के दौरान सरकार की तरफ से बताया गया कि प्रकरण में महाधिवक्ता पैरवी करेंगे,जो वर्तमान में इंदौर से आ रहे है। उसकी तरफ से याचिका पर सुनवाई बढ़ाये जाने का आग्रह किया गया। याचिकाकर्ता की तरफ से बताया गया कि महाधिवक्ता के द्वारा हाईकोर्ट में आश्वासन के बावजूद भी सरकार ने कुछ विभाग की प्रमोशन लिस्ट जारी कर दी है। इसके अलावा प्रमोशन के लिए डीपीसी की प्रक्रिया भी जारी है। प्रमोशन दिये जाने के कारण कई जटिलताएं हो सकती है।
अजाक्स की तरफ से बताया गया कि हाईकोर्ट ने प्रमोशन पर रोक लगाने के संबंध में कोई आदेश जारी नहीं किया है। युगलपीठ ने सुनवाई के बाद फैसला सुरक्षित रखते हुए अगली सुनवाई 13 जुलाई को निर्धारित की है। याचिकाकर्ताओं की तरफ से वरिष्ट अधिवक्ता मनोज शर्मा तथा अजाक्स की तरफ से अधिवक्ता रामेश्वर सिह ने पैरवी की।
