पिथौरागढ़, 07 जुलाई (वार्ता) ऐतिहासिक कैलाश मानसरोवर यात्रा पर अब पहले दल में 48 श्रद्धालु कैलाश मानसरोवर की परिक्रमा कर सकेंगे। मंगलवार को एक यात्री ने निजी कारणों से नाम वापस ले लिया है।
उपजिलाधिकारी आशीष जोशी के अनुसार कैलाश मानसरोवर यात्रा का पहला जत्था सोमवार को आधार शिविर गुंजी पहुंच गया। आज कैलाश मानसरोवर यात्रियों का आगे की (ऊंचाई वाली) यात्रा के लिए स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। सभी 49 यात्री स्वस्थ पाये गये।
प्रशासन की ओर से बताया गया कि आज एक श्रद्धालु गोविंद केला ने निजी कारणों के चलते आगे की अपनी यात्रा जारी नहीं रखने का निर्णय लिया गया।
श्री जोशी के अनुसार अब 48 यात्री ही आगे की यात्रा पर जा सकेंगे। कल पहला दल गुंजी से नाभीढांग के लिए निकलेगा और रात्रि विश्राम नाभीढांग में करेगा।
बताया जा रहा है कि कैलाश यात्रियों का स्वास्थ्य परीक्षण डॉ. अमित भार्गव और उनकी चिकित्सा टीम ने किया। परीक्षण के बाद सभी यात्रियों को यात्रा के लिए स्वस्थ घोषित किया गया।
इस दौरान सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) के प्रोजेक्ट हीरक के मुख्य अभियंता आर.एस. राव (वीएसएम) ने गुंजी में यात्रियों से संवाद किया। उन्होंने यात्रियों का स्वागत करते हुए सुरक्षित एवं सफल कैलाश मानसरोवर यात्रा की शुभकामनाएं दीं और कहा कि लिपुलेख मार्ग पर सड़क संपर्क को सुरक्षित एवं सुगम बनाए रखने के लिए बीआरओ लगातार कार्य कर रहा है।
यात्रियों ने भी बेहतर सड़क संपर्क और बीआरओ के प्रयासों की प्रशंसा करते हुए कहा कि इससे कैलाश मानसरोवर यात्रा अधिक सुरक्षित, सहज और सुविधाजनक हुई है।
उल्लेखनीय है कि उत्तराखंड के लिपूलेख दर्रे से कैलाश मानसरोवर यात्रा विगत 04 जून से शुरू हो गई थी। इस दिन पहला दल दिल्ली से चलकर चंपावत के टनकपुर पहुंचा। टनकपुर में श्रद्धालुओं के पहले दल का भव्य स्वागत किया गया और अगले दिन मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने यात्रियों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इसके बाद यात्री दल पिथौरागढ़, धारचूला होते हुए पहले आधार शिविर गुंजी पहुंचा।
इस वर्ष 10 यात्री दल ही कैलाश मानसरोवर की यात्रा कर सकेंगे। प्रत्येक दल में 50 यात्री शामिल होंगे।
