
जबलपुर। गोरखपुर थाना अंतर्गत रामपुर में अवैध शराब के साथ गिरफ्तार किए गए एक आरोपी ने पुलिस पर हवालात के भीतर बेरहमी से थर्ड डिग्री टॉर्चर देने का आरोप लगाया है। आरोपी का कहना है कि डंडे की मार से उसके दोनों पैर सूज चुके हैं और वह चलने-फिरने से लाचार हो गया है। वहीं, थाना प्रभारी ने इन आरोपों को पूरी तरह मनगढ़ंत और झूठा बताया है। जानकारी अनुसार गोरखपुर पुलिस ने रामपुर स्थित महर्षि स्कूल के पास घेराबंदी कर रामपुर निवासी सतीश सोनकर (40) और उसके साथी मोनू को अवैध शराब की बड़ी खेप के साथ रंगे हाथों दबोचा था।
पुलिस ने दोनों के खिलाफ आबकारी अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर उन्हें हिरासत में लिया था। हिरासत में लिए गए आरोपी सतीश सोनकर ने पुलिसिया कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाए हैं। सतीश का आरोप है कि गिरफ्तारी के बाद गोरखपुर पुलिस ने उसे थाने के भीतर एक कमरे में बंद कर दिया। इसके बाद पुलिसकर्मियों ने उस पर अंधाधुंध डंडे बरसाए। सतीश के मुताबिक, इस बेरहम पिटाई के कारण उसके दोनों पैरों में भारी सूजन आ गई है और असहनीय दर्द के कारण वह अब अपने पैरों पर खड़ा भी नहीं हो पा रहा है।
आरोपी आदतन अपराधी, पुलिस पर बना रहा दबाव- इन गंभीर आरोपों पर गोरखपुर थाना प्रभारी नितिन कमल ने आरोप को सिरे से खारिज कर दिया है। थाना प्रभारी ने साफ कहा कि युवक के साथ थाने के भीतर किसी भी तरह की मारपीट या बदसलूकी नहीं की गई है आरोपी सतीश सोनकर एक शातिर शराब तस्कर है और उसके खिलाफ पहले से भी कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। गिरफ्तारी के बाद नियम के तहत आरोपी का पूरा चिकित्सकीय परीक्षण कराया गया है। मेडिकल रिपोर्ट में मारपीट की पुष्टि नहीं हुई है, आरोपी पूरी तरह स्वस्थ है और आसानी से चल-फिर सकता है। कानूनी कार्रवाई और कड़े शिकंजे से बचने के लिए आरोपी पुलिस पर झूठे आरोप लगाकर दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है।
