नयी दिल्ली, 04 जुलाई (वार्ता) कांग्रेस ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर कर जनविरोधी कदम उठा रही है लेकिन विपक्षी दलों का इंडिया गठबंधन संसद के मानसून सत्र में जनहित से जुड़े मुद्दों को लेकर सरकार को घेरेगा तथा उससे जवाब मांगेगा। कांग्रेस के संचार विभाग के प्रभारी जयराम रमेश ने शनिवार को यहां एक बयान में कहा कि इंडिया गठबंधन संसद में सरकार को विभिन्न मुद्दों पर घेरने की रणनीति पर काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस तथा गठबंधन को केवल भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से ही नहीं, बल्कि भाजपा और चुनाव आयोग के गठजोड़ से भी मुकाबला करना पड़ रहा है।
उनका कहना था कि विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर द्रमुक (द्रमुक), आम आदमी पार्टी सहित 24 विपक्षी दलों तथा निर्दलीय सांसद कपिल सिब्बल ने भारत के मुख्य न्यायाधीश को संयुक्त पत्र लिखा है। उनका आरोप था कि बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए जा रहे हैं, जिससे चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि चुनाव परिणाम पहले से तय होने की धारणा बन जाए तो लोकतंत्र और चुनाव प्रक्रिया का महत्व ही समाप्त हो जाएगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि उच्चतम न्यायालय चुनाव आयोग को निष्पक्ष ढंग से काम करने का निर्देश देगा।
श्री रमेश ने आरोप लगाया कि लोकसभा चुनाव में दो-तिहाई बहुमत नहीं मिलने के बाद भाजपा बदले की राजनीति कर रही है। उन्होंने दावा किया कि पार्टी भविष्य में दो-तिहाई बहुमत हासिल कर संविधान में बदलाव करना चाहती है तथा सामाजिक न्याय और आरक्षण व्यवस्था को कमजोर करने का प्रयास कर रही है। उनका कहना था कि सरकार मानसून सत्र में परिसीमन विधेयक और ‘एक राष्ट्र-एक चुनाव’ संबंधी प्रस्ताव फिर ला सकती है। उन्होंने कहा कि संसद सत्र से पहले बुलाई जाने वाली सर्वदलीय बैठक अब महज औपचारिकता बनकर रह गई है, क्योंकि उसमें विपक्ष की बातें तो सुनी जाती हैं, लेकिन संसद का वास्तविक एजेंडा प्रधानमंत्री और गृह मंत्री कार्यालय तय करता है।
विदेश नीति पर श्री रमेश ने कहा कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान भारतीय सुरक्षा बलों ने उल्लेखनीय सफलता हासिल की, लेकिन भारत की कूटनीति को झटका लगा है। उन्होंने आरोप लगाया कि आतंकवाद को संरक्षण देने वाले पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर महत्व मिल रहा है। उन्होंने चीन के साथ बढ़ते व्यापार घाटे, अमेरिका के साथ प्रस्तावित व्यापार समझौते तथा विदेश नीति पर संसद में चर्चा नहीं होने को भी सरकार की विफलता बताया। कांग्रेस नेता ने भाजपा शासित राज्यों में भ्रष्टाचार के आरोपों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि अयोध्या, केदारनाथ और बदरीनाथ में चढ़ावे से जुड़े मामलों, मध्य प्रदेश के कथित कृषि घोटाले तथा अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री से जुड़े आरोपों सहित अन्य मामलों पर भी कांग्रेस और इंडिया गठबंधन मानसून सत्र में सरकार से जवाब मांगेगा।

