नयी दिल्ली, 04 जुलाई (वार्ता ) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को स्वामी विवेकानंद को उनके निर्वाण दिवस पर श्रद्धांजलि दी। उन्होंने इस महान संत को एक असाधारण व्यक्तित्व बताया, जिनके विचारों से भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिकता को वैश्विक पहचान मिली और इससे आने वाली पीढ़ियां को प्रेरणा मिलेगी। श्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “स्वामी विवेकानंद के निर्वाण दिवस पर, मैं उन्हें अपनी श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। भारतीय संस्कृति, आध्यात्मिकता और राष्ट्रीय चेतना को वैश्विक पहचान दिलाने में उनका योगदान अद्वितीय है।”
प्रधानमंत्री ने कहा कि स्वामी विवेकानंद की बौद्धिक प्रतिभा और प्रेरक विचार देश भर के लाखों युवाओं के लिए मार्गदर्शन का काम करते हैं। उन्होंने कहा, “उनकी बौद्धिक प्रतिभा और प्रेरक विचार आज भी लाखों युवाओं का मार्गदर्शन करते हैं। उनका आध्यात्मिक संदेश ‘विकसित भारत’ के निर्माण के संकल्प को पूरा करने में देश को नई ऊर्जा और दिशा देता रहेगा।” स्वामी विवेकानंद, भारत के प्रमुख आध्यात्मिक नेताओं में से एक और श्री रामकृष्ण परमहंस के मुख्य शिष्य थे।
उन्हें दुनिया भर में भारत की दार्शनिक और आध्यात्मिक परंपराओं का परिचय कराने का श्रेय दिया जाता है, विशेष रूप से 1893 में शिकागो में ‘विश्व धर्म संसद’ में दिए गए उनके ऐतिहासिक भाषण को हमेशा याद रखा जाएगा। आत्मविश्वास, मानवता की सेवा, राष्ट्रवाद और सार्वभौमिक भाईचारे पर उनकी शिक्षाएं पीढ़ियों को प्रेरणा देती रही हैं। प्रधानमंत्री ने अक्सर अपने भाषणों में स्वामी विवेकानंद के आदर्शों का उल्लेख किया है । उन्होंने उनके जीवन और संदेश को भारत के सामाजिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पुनरुत्थान के लिए प्रेरणा का स्रोत बताया है।

