तेहरान/तेल अवीव, 28 फरवरी (वार्ता/शिन्हुआ) इजरायल ने अमेरिका के सहयोग से शनिवार सुबह ईरान की राजधानी तेहरान सहित कई बड़े शहरों में हवाई हमले किये। इसके बाद ईरान ने जवाबी कार्रवाई में इजरायल सहित आसपास के कुछ देशों को निशाना बनाया। ईरान ने ये हमले इजरायल के अलावा बहरीन, यूएई, इराक, कुवैत और कतर पर किए हैं। इजरायल के हमलों में ईरान में करीब 40 छात्रों के मरने की जानकारी मिली है। इससे पहले इजरायल के रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज ने इन हमलों की जानकारी मीडिया को दी। उन्होंने कहा कि इजरायल ने अपने खिलाफ खतरों को समाप्त करने के लिए ईरान पर एहतियाती हमला किया है। श्री काट्ज ने यह भी कहा कि देश में आपातकाल लगा दिया है और उन्हें आशंका है कि ईरान की ओर से इजरायल और उसके नागरिकों के खिलाफ मिसाइल और ड्रोन हमले किये जायेंगे। ईरान के एक प्राथमिक विद्यालय पर शनिवार को इजरायल-अमेरिका के संयुक्त हमलों में कम से कम 40 विद्यार्थियों की मौत हो गयी।ईरानी स्टूडेंट समाचार एजेंसी (इसना) के अनुसार, बालिकाओं का यह प्राथमिक विद्यालय दक्षिणी ईरान के होर्मोज़गन प्रांत में था।
ईरानी मीडिया के अनुसार, राजधानी में कई जगहों पर धमाकों की आवाज सुनी गयी और कुछ हिस्सों में धुआं उठता देखा गया। रिपोर्टों के अनुसार, कम से कम एक हमला ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई से जुड़े कार्यालयों के निकट हुआ। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसी फार्स के मुताबिक, यूनिवर्सिटी स्ट्रीट और जुमहूरी इलाके के आसपास मिसाइलें गिरीं। सरकारी कार्यालयों वाले ‘रिपब्लिक’ क्षेत्र में भी विस्फोट की सूचना है। हमलों के तुरंत बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने एक वीडियो संदेश में कहा, “ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड के सदस्यों, सुरक्षा बलों और सभी पुलिसवालों से मैं आज रात कहता हूं कि आपको अपने हथियार डाल देने चाहिए। अगर ऐसा नहीं किया तो आपको मौत का सामना करना पड़ेगा।’ यह घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ है जब अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु मसले पर बातचीत का तीसरा दौर कल ही खत्म हुआ है। इस बातचीत के समाप्त होने पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने संवाददाताओं से कहा था कि वह ईरान के साथ बातचीत की प्रगति से संतुष्ट नहीं हैं। उन्होंने दोहराया कि ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने की अनुमति नहीं दी जा सकती। सूत्रों के अनुसार, अमेरिकी अधिकारियों ने ईरान से फोर्दो, नतांज और इस्फहान स्थित परमाणु प्रतिष्ठानों को बंद करने तथा यूरेनियम देश से बाहर भेजने की मांग की थी, जिसे तेहरान ने स्वीकार नहीं किया। इजरायली प्रधानमंत्री नेतान्याहू ने शनिवार को राष्ट्र को संबोधित करते हुए कहा कि इजरायल और अमेरिका ने ईरान की सरकार से उत्पन्न “अस्तित्व पर खतरे” को निष्प्रभावी करने के उद्देश्य से संयुक्त अभियान शुरू किया है। श्री नेतन्याहू ने कहा, “मेरे भाइयों और बहनों, इजरायल के नागरिकों, अभी एक घंटे पहले इजरायल और संयुक्त राज्य अमेरिका ने ईरान के आतंकी शासन से उत्पन्न अस्तित्व के खतरे को हटाने के लिए अभियान शुरू किया है।” उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के “ऐतिहासिक नेतृत्व” के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने ईरानी शासन की आलोचना करते हुए कहा कि पिछले 47 वर्षों से वहां की व्यवस्था ‘इजरायल की मौत’ और ‘अमेरिका की मौत’ के नारे लगाती रही है तथा उसने इजरायलियों, अमेरिकियों और अपने ही नागरिकों के खिलाफ हिंसा की है। उन्होंने कहा, “इस हत्यारे आतंकी शासन को परमाणु हथियारों से लैस होने की अनुमति नहीं दी जा सकती, जो पूरी मानवता को खतरे में डाल सकते हैं।”
इजरायली सैन्य अधिकारी ने एक बयान जारी करके कहा है कि ऑपरेशन का केंद्र “तख्तापलट” नहीं है। शनिवार को एक समाचार ब्रीफिंग में एक इजरायली सैन्य अधिकारी ने कहा कि इजरायल का ध्यान “सत्ता परिवर्तन अभियान” पर नहीं है, बल्कि उसका पूरा ध्यान सैन्य लक्ष्यों पर है। पेंटागन और अमेरिकी रक्षा विभाग ने सुबह के हमलों के बाद इस संयुक्त अभियान को ऑपरेशन एपिक फ्यूरी” नाम दिया है। पिछले साल ईरान के परमाणु केंद्रों के खिलाफ इसी तरह के हमलों का कोड-नाम “ऑपरेशन मिडनाइट हैमर” था। इजरायल ने सुबह के वक्त किए हमले के बाद कहा कि उसने ईरान के खिलाफ उसके ताजा सैन्य अभियान को ‘रोरिंग लॉयन’ (दहाड़ता शेर) नाम दिया है। यह नामकरण जून में हुए 12 दिवसीय संघर्ष के दौरान स्थापित एक मिसाल का अनुसरण करता है, जब इजरायल के सैन्य अभियान को ‘राइजिंग लायन’ नाम दिया गया था। सैन्य संघर्ष के लंबे चलने की आशंका को देखते हुए इजरायल ने सभी नागरिक उडानें रद्द कर दी हैं और सभी समारोह, शैक्षिक गतिविधियों पर रोक लगा दी है। हवाई हमलों को देखते हुए ईरान सहित कई देशों ने अपना हवाई इलाका बंद करने का ऐलान किया है। इनमें कुवैत, ओमान, इराक, यूएई वगैरह देश शामिल हैं। ऐसी भी खबरें है कि इजरायल ने तेहरान में सर्वोच्च नेता खामेनेई के कार्यालय के पास हमला किया है। ईरानी स्थानीय मीडिया में कहा गया है कि श्री ख़ामेनेई फिलहाल तेहरान में नहीं, उन्हें सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित कर दिया गया है। ईरान में नेट सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हुयी हैं। नेटब्लॉक नामक संगठन ने कहा है कि ईरान में इस समय इंटरनेट लगभग पूरी तरह से बंद हैं और 95 प्रतिशत से अधिक नेट नहीं चल पा रहा है।
दूसरी ओर, समाचार एजेंसी शिन्हुआ ने इराक गृह मंत्रालय के एक सूत्र के हवाले से बताया कि शनिवार को बगदाद के दक्षिण में बाबिल प्रांत में हुए मिसाइल हमले में इराक के अर्ध-सैनिक पॉपुलर मोबिलाइजेशन बल (पीएमएफ) के कम से कम दो सदस्य मारे गये। संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के स्थानीय मीडिया ने बताया कि ईरान के मिसाइल हमलों में एक व्यक्ति की मौत हो गयी है। इस बीच, इजरायली मीडिया ने दावा किया कि उसके हमलों में ईरान के तीन वरिष्ठ अधिकारी मारे जा चुके हैं, हालांकि ईरान ने अब तक इस दावे की पुष्टि नहीं की है।

