पटना, 03 जुलाई (वार्ता) बिहार के कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने शुक्रवार को कहा कि राज्य सरकार कृषि शिक्षा, प्राकृतिक खेती, अनुसंधान, आधुनिक तकनीक और कृषि उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है तथा कृषि विश्वविद्यालयों में गुणवत्ता, पारदर्शिता और नवाचार को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी। कृषि मंत्री श्री सिन्हा ने आज कृषि भवन स्थित अपने कार्यालय कक्ष में बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर की समीक्षात्मक बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में विश्वविद्यालय की शैक्षणिक, अनुसंधान, प्रसार, प्रशासनिक एवं वित्तीय गतिविधियों की विस्तृत समीक्षा की गई तथा कृषि शिक्षा को रोजगारोन्मुख, अनुसंधान आधारित एवं किसान हितैषी बनाने के उद्देश्य से महत्वपूर्ण निदेश दिए गए।
बैठक के दौरान मंत्री ने विश्वविद्यालय में स्वीकृत शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर पदों पर बड़ी संख्या में रिक्तियां रहने पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने निर्देश दिये कि रिक्त पदों को सूची तैयार कर रिक्तियों को बिहार लोक सेवा आयोग एवं बिहार कर्मचारी चयन आयोग के माध्यम से नियमानुसार जल्द भरने की प्रक्रिया सुनिश्चित की जाए।
श्री सिन्हा ने कृषि महाविद्यालयों में नामांकन की स्थिति की समीक्षा करते हुए निर्देश दिये कि राज्य के सभी कृषि महाविद्यालयों में उपलब्ध सीटों पर वेटिंग लिस्ट बनाकर शत्-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित किया जाए। साथ ही, कृषि शिक्षा के क्षेत्र में उपलब्ध रोजगार, स्टार्टअप, उद्यमिता एवं सरकारी योजनाओं की जानकारी युवाओं तक व्यापक रूप से पहुंचाई जाए, जिससे अधिकाधिक छात्र-छात्राएं कृषि शिक्षा से जुड़ें।
