
शहडोल। भ्रष्टाचार के खिलाफ लोकायुक्त की कार्रवाई में शुक्रवार को शहडोल जिले के जयसिंहनगर विकासखंड स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र उफरी के मेडिकल ऑफिसर डॉ. महेश चंद्र शर्मा को 5 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया। आरोपी चिकित्सक शिकायतकर्ता की पत्नी का सलग्नीकरण (अटैचमेंट) आदेश निरस्त कराने एवं रवानगी नहीं देने के बदले 10 हजार रुपये की रिश्वत मांग रहा था।
लोकायुक्त रीवा के अनुसार उमरिया जिले के पटनार खुर्द निवासी वीरेंद्र सिंह ने 18 मई 2026 को शिकायत दर्ज कराई थी कि उनकी पत्नी पार्वती सिंह के सलग्नीकरण आदेश को निरस्त कराने और रिलीव न करने के एवज में डॉ. महेश चंद्र शर्मा 10 हजार रुपये की रिश्वत मांग रहे हैं। शिकायत के सत्यापन के दौरान आरोपी ने 5 हजार रुपये पहले ही ले लिए थे और शेष 5 हजार रुपये की मांग बरकरार रखी। शिकायत सही पाए जाने के बाद लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक योगेश्वर शर्मा के निर्देशन में ट्रैप टीम गठित की गई।
शुक्रवार को जयसिंहनगर बस स्टैंड पर जैसे ही शिकायतकर्ता ने आरोपी को 5 हजार रुपये दिए, पहले से तैनात लोकायुक्त टीम ने उसे रंगे हाथों पकड़ लिया। आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (संशोधित 2018) की धारा 7 के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। यह कार्रवाई लोकायुक्त के महानिदेशक योगेश देशमुख, उप पुलिस महानिरीक्षक मनोज सिंह तथा पुलिस अधीक्षक योगेश्वर शर्मा के मार्गदर्शन में निरीक्षक संदीप सिंह भदौरिया एवं निरीक्षक एस. राम मरावी के नेतृत्व में रीवा लोकायुक्त की टीम ने की।
