दमोह:जिले के पटेरा तहसील के बबलीगढ़ धाम में रविवार को तीन दिन की समाधि लेने वाले 45 वर्षीय बाल ब्रह्मचारी मान सिंह लोधी की समाधि जब पूरी हो गई.स्थानीय लोगों ने समाधि की मिट्टी हटाकर बाबा को पूरी तरह स्वस्थ बाहर निकाला. इस नजारे को देखने हजारों लोगों की भीड़ मोजूद थी.समाधि लेने के उद्देश्य पर बाबा ने कहा कि क्षेत्र के लोगों पर हनुमान जी की कृपा और सभी की मनोकामना पूरी करने के लिए समाधि ली थी.
उन्होंने बताया कि क्षेत्र में रहने वाले चंदन सिंह को उन्होंने 6 माह पहले दीक्षा दी थी और उसे 20 प्रतिशत सिद्धियां दी थी, जिससे वह 14 किलोमीटर पानी में तैर सकता है. यहां पर 20 प्रतिशत सिद्धियां और उसे दी जानी थी.इसलिए उसने यहां पर मुझे बुलाया था, लेकिन चंदन सिंह ने मेरी समाधि के बाद यहां पर अखंड कीर्तन नहीं करवाया, जिससे मेरी जान जाते-जाते बची. मेरे ऊपर गुरु की कृपा थी, इसलिए मैं बच गया. अन्यथा मेरी जान चली जाती. दुष्प्रभाव यह हुआ कि इस गलती से मेरी 30 प्रतिशत सिद्धियां नष्ट हो गई.अब मुझे अपने गुरु के पास चित्रकूट जाना होगा और उनसे माफी मांगनी होगी.तब जाकर मुझे सिद्धियां वापस मिलेगी
