
दमोह.जिले में गुरुवार दोपहर मानसून की जोरदार दस्तक हुई है। जिससे मौसम काफी ठंडा हो गया और झमामझ बारिश शुरू हुई है। तेंदूखेड़ा ब्लॉक में बारिश का सबसे ज्यादा असर देखा गया है। यहां बारिश से ब्यारमा नदी उफान पर आ गई है। जिससे जेतपुर के समीप एक पुलिया डूब गई है और तेंदूखेड़ा से तारादेही का मार्ग बंद हो गया है। सड़क के दोनों और वाहनों की लंबी-लंबी लाइन लगी है। इसके अलावा दमोह शहर की बात की जाए तो यहां भी पिछले 2 घंटे से लगातार बारिश हो रही है. जिससे मौसम काफी ठंडा हो गया है। हालांकि अभी तक कहीं से जनजीवन प्रभावित होने की जानकारी नहीं आई है.क्योंकि यह मानसून की पहली बारिश है और अभी नदियों को उफान पर आने में काफी समय लगेगा.दमोह जिले के तेंदूखेड़ा ब्लॉक में दोपहर एक बजे से हुई झमाझम बारिश से तारादेही में जैतगढ़ के समीप पुलिया उफान पर आ गई। जिससे तेंदूखेड़ा से तारादेही मार्ग का संपर्क टूट गया है। दोनों और वाहनों की लाइन लगी है। बारिश बंद होने पर पुलिया उतरने में करीब चार से पांच घंटे लग सकते हैं। तब तक लोगों को इसी तरह यहां पर फंसा रहना पड़ेगा.बारिश का सबसे ज्यादा असर हर साल तेंदूखेड़ा क्षेत्र में ही देखने मिलता है। क्योंकि यहां पर छोटी-छोटी पुलियां बनी हुई है जो 2 से 3 घंटे की हुई जोरदार बारिश से पानी में डूब जाती है। इसके अलावा तेंदूखेड़ा ब्लॉक में कई गांव ऐसे हैं जो इन पुलिया के दोनों और बसे हैं। जब पुलिया डूबती है तो दोनों और बसे गांव का संपर्क टूट जाता है। जून के महीने में लोग बारिश की उम्मीद लगाए बैठे थे, लेकिन जून का पूरा महीना बीत गया और बारिश नहीं हुई। जिससे लोगों को तेज उमस और गर्मी का सामना करना पड़ा। जैसे ही जुलाई का महीना शुरू हुआ है मानसून की जोरदार दस्तक हुई है। गुरुवार को तेंदूखेड़ा ब्लॉक के अलावा अन्य स्थानों पर भी रिमझिम बारिश हो रही है, लेकिन बारिश का सबसे ज्यादा असर तेंदूखेड़ा में ही देखने मिल रहा है। वहीं दमोह शहर में पिछले 1 घंटे से बारिश हो रही है जिससे लोगों को गर्मी से जरूर राहत मिली है.अब बारिश शुरू होने के बाद किसान अपने खेतों में बोनी का काम भी शुरू कर देंगे।
*दमोह की बारिश वाली खबर में यह पॉइंट जोड़ दीजिए*
दमोह के तेंदूखेड़ा ब्लॉक में हुई झमाझम बारिश के चलते ब्यारमा नदी उफान पर आ गई.जिससे नदी में बना अस्थाई मार्ग बंद होने से सागर जबलपुर की कनेक्टिविटी बंद हो गई. लोगों को 25 किलोमीटर का चक्कर लगाकर जाना पड़ रहा है.दरअसल तेंदूखेड़ा ब्लॉक के झापन घाट का पुल पिछले साल बारिश में बह गया था। इसके बाद नदी से अस्थाई मार्ग बनाया गया था जहां से सभी वाहन सागर और जबलपुर के लिए निकलते थे, लेकिन गुरुवार को हुई तेज बारिश से नदी लबालब पानी से भर गई और यह मार्ग भी बंद हो गया।स्थानिय ग्रामीण देवकी नंदन पटेल ने बताया कि झापन घाट का पुल पिछले साल बह गया था. अस्थाई मार्ग नदी से बनाया गया था, लेकिन नदी उफान पर आ गई जिससे यह मार्ग बंद हो गया है. अब सागर जबलपुर मार्ग पूर्ण रूप से बंद होने के चलते लोगों को 25 किलोमीटर घूम कर जाना पड़ रहा है।दूसरे मार्ग पर भी परेशानी
यातायात का पूरा दबाव हरदुआ, खर्राघाट, इमलिया, लकलका, सोमखेड़ा मार्ग पर आ गया है, जिससे लोगों की परेशानी काफी बढ़ गई है। ग्रामीणों का कहना है कि हरदुआ से इमलिया ,व खर्राघाट तक का यह मार्ग पहले से ही संकरा और कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त है। सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे हैं, जबकि अधिकांश हिस्सों में सड़क किनारे की साइड पट्टियां नहीं होने या मिट्टी धंस जाने के कारण वाहन चालकों को बारिश के दौरान भारी जोखिम उठाना पड़ रहा है। मार्ग पर कई अंधे मोड़ भी हैं, जिससे दुर्घटना की आशंका लगातार बनी रहती है। स्थानीय लोगों ने बताया कि झापन घाट पुल बंद होने के बाद इस मार्ग से भारी वाहनों, लोडिंग ट्रकों, स्लीपर कोच बसों और अन्य बड़े वाहनों का आवागमन बढ़ गया है।
