भुवनेश्वर, 28 अक्टूबर (वार्ता) ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी मंगलवार को भुवनेश्वर में छठ पूजा में शामिल हुए और सूर्य देव को अर्ध्य (पवित्र जल अर्पण) अर्पित कर राज्य के लोगों की सुख शांति और कल्याण की कामना की।
मुख्यमंत्री अपनी पत्नी डॉ. प्रियंका मरांडी के साथ नये बाली जात्रा मैदान में छठ पूजा में शामिल हुए। उन्होंने इस पर्व को ‘अनूठा’ बताते हुए कहा कि यह परंपरा, स्वच्छता और अनुशासन का प्रतीक है। यह पर्व हमें याद दिलाता है कि जीवन का असली आधार प्रकृति, जल, वायु और सूर्य की शक्ति में निहित है।
श्री माझी ने अपने संबोधन में प्रकृति और पर्यावरण के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए कहा कि यह पर्व हमें इनके साथ सद्भाव से रहने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि ओडिशा सरकार भाईचारे, सद्भाव और सांस्कृतिक एकता की परंपराओं को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ओडिशा में छठ पूजा सांस्कृतिक एकता का प्रतीक बन गई है। उन्होंने कहा, “इसकी सबसे बड़ी विशेषता इसकी सादगी और आध्यात्मिक भक्ति है। दिखावे से मुक्त, यह आस्था, पवित्रता और अनुशासन पर केंद्रित है।” उन्होंने कहा कि छठ पूजा पारंपरिक रूप से बिहार, झारखंड और उत्तर प्रदेश में मनाई जाती रही है, लेकिन अब यह ओडिशा में भी उतनी ही श्रद्धा, उत्साह और उल्लास के साथ मनाई जाती है।
