
जबलपुर। बेलखेड़ा में गुरुवार दोपहर मानेगांव से आ रही एक तेज रफ्तार बोलेरो कार कटाव नदी के रपटे पर आए तेज बहाव में अनियंत्रित होकर पलट गई। हादसे में चालक की मौत हो गई । वहीं, गाड़ी में सवार उनके चार अन्य साथी तैरकर सुरक्षित बाहर निकलने में कामयाब रहे।
जानकारी के अनुसार बुलेरो क्रमांक एमपी 20 जेड जी 0435 का चालक रवि पिल्ले 45 वर्ष, निवासी सदर बाजार, साथी देवेन्द्र गौड, मयंक बर्मन, चंदन सिंह लोधी तीनों निवासी बेलखेड़ा एवं संदीप बंजारा निवासी शहपुरा के साथ मानेगावं से आ रहा था । लगातार हो रही बारिश के कारण कटाव नदी के पास बने रपटे पर करीब 3 फीट पानी बह रहा था। खतरे को भांपते हुए सडक़ के दोनों ओर दर्जनों राहगीर और ग्रामीण पानी कम होने का इंतजार कर रहे थे। इसी दौरान दोपहर करीब 1:30 बजे बोलेरो के चालक ने सूझबूझ खो दी और उफनती लहरों के बीच ही गाड़ी को आगे बढ़ा दिया। तेज बहाव के बीच पहुंचते ही गाड़ी अनियंत्रित होकर पलट गई।
रवि गाड़ी में फंसा, साथी तैरकर निकले बाहर
गाड़ी पलटते ही चीख-पुकार मच गई। खिड़कियों और दरवाजों के सहारे गाड़ी में सवार चार लोग समय रहते बाहर निकलने में सफल रहे। चारों को सुरक्षित बाहर आते देख किनारे खड़े लोगों ने राहत की सांस ली, लेकिन वाहन चला रहे रवि पिल्ले पिता कृष्णा पिल्ले अंदर ही फंसे रह गए। गाड़ी के भीतर ही फंसने और दम घुटने से उसकी मौत हो गई।
तीन घंटे तक पानी में डूबी रही लाश
नदी का बहाव इतना तेज था कि कोई भी तुरंत गाड़ी के पास जाने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा था। करीब 3 घंटे तक बोलेरो पानी में पूरी तरह डूबी रही। जब जलस्तर में थोड़ी कमी आई, तब गाड़ी का दरवाजा खोला गया और रवि पिल्ले को बाहर निकाला। लेकिन तब तक देर हो चुकी थी और उनकी सांसें थम चुकी थीं। उन्हें तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने परीक्षण के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस हादसे को लेकर घटनास्थल पर मौजूद लोगों में आरोप है कि जब यह पूरा हादसा हुआ और रवि पिल्ले गाड़ी के अंदर जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहे थे, तब बेलखेड़ा पुलिस वहां सिर्फ तमाशबीन बनी खड़ी रही। पुलिस ने समय रहते कोई ठोस रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू नहीं किया।
