ठंड का कहर: हाड़ कंपाने वाली ठण्ड से प्रभावित हुई दिनचर्या

० कड़ाके की ठण्ड से जनजीवन अस्त-व्यस्त, दिनोदिन तापमान में भी दर्ज हो रही गिरावट

नवभारत न्यूज

सीधी 7 जनवरी। जिले में इन दिनों ठंड कहर इस कदर है कि हाड़ कंपाने वाली ठंड से लोगों की दिनचर्या प्रभावित हो रही है। इस वर्ष ठण्ड सारे रिकार्ड तोडऩे पर आमादा है। लगातार तीन दिनों से न्यूनतम तापमान 7 से 8 डिग्री के आसपास बना हुआ है। जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है।

जनवरी में सर्दी ने इस बार सारे आंकड़ों को पीछे छोड़ दिया है। मंगलवार को न्यूनतम तापमान 7 डिग्री दर्ज किया गया। वहीं अधिकतम तापमान 17 डिग्री सेल्सियस रहा। तापमान में कमी के चलते सर्दी से समूचा जिला कंपकपाया हुआ है। तापमान की कमी के चलते पाला पडऩे की संभावना निर्मित है। इतना जरूर है कि फसलों में अभी ज्यादा नुकसानी की खबरें नही हैं। सुबह से ठण्डी हवाओं का दौर तीन दिनो से शुरू है। ठण्ड के चलते शाम ढलते ही लोग घरों में दुबके नजर आते हैं। ठण्ड का लुत्फ उठाने वाले लोग शहर के अधिकतर चौराहों में व्यंजनों के स्टाल पर गर्म चटपटे व्यंजनो का लुत्फ लेते नजर आते हैं। वहीं रात को 9 बजे के बाद इक्का-दुक्का लोग ही सडक़ पर दिखते हैं जो बाजार में रहते हैं वह भी अलाव तापते हुये नजर आते हैं।

उधर मौसम विभाग सीधी का कहना है कि अभी संभवत: तीन से चार दिन तक मौसम में ठण्डक रहेगी और तापमान में गिरावट देखने को मिल सकती है। उधर ठिठुरन भरी गलन के चलते स्कूली छात्र-छात्राओं की सबसे ज्यादा फजीहतें हो रही हैं। हालात यह है कि दो दिनों से कोहरे का प्रकोप दोपहर तक बना रहता है। इस वजह से छोटे बच्चों को घर से स्कूल जाने के लिए सुबह 10:30 बजे कोहरे के प्रकोप के बीच ठिठुरते हुए निकलना पड़ता है। स्कूल के कक्ष में भी बच्चे पूरा दिन ठिठुरते हुए बैठे रहते हैं। विगत तीन दिनों से पड़ रही कड़ाके की ठंड के चलते कई बच्चे बीमार भी पड़ रहे हैं। जिसके चलते अभिभावकों की परेशानी और भी ज्यादा बढ़ गई है। कुछ अभिभावकों का कहना था कि जिस तरह से शीतलहर का प्रकोप बना है स्कूलों की छुट्टियां कर देनी चाहिए।

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दिनोंदिन गिर रहे तापमान पर एक नजर

दिनांक अधिकतम न्यूनतम

7 जनवरी 19 07

6 जनवरी 20 08

5 जनवरी 19 09

4 जनवरी 22 14

3 जनवरी 24 16

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घटते तापमान से किसानों में चिंता

घटते तापमान ने किसानों को चिंता में डाल दिया है। किसानों का कहना है कि अभी चने की फसल का गिरते तापमान से काफी असर देखने को मिला है। गिरते तापमान के चलते चने की फसल मे लगे फूल भी झुलस रहे हैं। जिसके चलते चने में दाने नही आ सकेंगे। इसके साथ ही आने वाले दिनों में इस तरह का तापमान गिरता है तो पाले से हमें नुकसान होगा। चर्चा के दौरान कुछ किसानों का कहना था कि जिस तरह से जिले में शीतलहर का प्रकोप बना हुआ है उसके चलते ऐसी संभावना है कि तापमान अभी और नीचे गिर सकता है। जिसके चलते फसलों को भी खतरा होगा।

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