इंदौर: बिजली विभाग में भर्ती प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद नियुक्ति आदेश जारी नहीं होने से नाराज चयनित अभ्यर्थियों का धरना तीसरे दिन भी जारी रहा. प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि अधिकारी केवल आश्वासन दे रहे हैं, जबकि बड़ी संख्या में अभ्यर्थी अब भी नियुक्ति का इंतजार कर रहे हैं.धरने में शामिल जबलपुर की अभ्यर्थी काजल और ग्वालियर के आकाश कदम ने बताया कि वर्ष 2024 की भर्ती के तहत मार्च में परीक्षा, मई में परिणाम और जून में दस्तावेज सत्यापन हो चुका था, लेकिन एक साल बाद भी नियुक्ति नहीं मिली.
उन्होंने कहा कि तीन दिन से धरने पर बैठे होने के बावजूद कोई वरिष्ठ अधिकारी मिलने नहीं आया और उन्हें कभी एमडी, कभी सीजीएम तो कभी मंत्रालय का हवाला देकर टाला जा रहा है. काजल के अनुसार, भर्ती के दो प्रश्नों को लेकर मामला न्यायालय पहुंचा था। कोर्ट के आदेश के बाद 6 जनवरी को संशोधित परिणाम जारी हुआ, लेकिन इसके बाद भी नियुक्ति प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी। उनका दावा है कि करीब 204 अभ्यर्थियों को नियुक्ति मिल चुकी है, जबकि लगभग 350 चयनित अभ्यर्थी अब भी नियुक्ति का इंतजार कर रहे हैं। उनका कहना है कि वे 7-8 बार धरना-प्रदर्शन कर चुके हैं, लेकिन हर बार केवल आश्वासन मिला. धरना दे रहे अभ्यर्थियों की मांग है कि विभाग शेष चयनित उम्मीदवारों को जल्द नियुक्ति आदेश जारी करे और पूरी प्रक्रिया की स्पष्ट समय-सीमा लिखित रूप में घोषित करें.
दो सौ अभ्यर्थियों की प्रक्रिया शेष
वहीं, बिजली विभाग के सीजीएम प्रकाश सिंह चौहान ने बताया कि भर्ती प्रक्रिया जारी है. उनके अनुसार, परीक्षा परिणाम के बाद लगभग 300 अभ्यर्थियों को नियुक्ति दी जा चुकी है, जबकि करीब 200 अभ्यर्थियों की प्रक्रिया शेष है. उन्होंने कहा कि मामला न्यायालय में रहने के कारण प्रक्रिया में तीन-चार महीने की देरी हुई. संशोधित परिणाम आने के बाद आगे की कार्रवाई शुरू कर दी गई है. पहले वेटिंग लिस्ट जारी होगी, उसके बाद रिक्त पदों के आधार पर शेष नियुक्तियों पर निर्णय लिया जाएगा.
