इंदौर:दौसा में हंस ट्रैवल्स की स्लीपर बस में लगी भीषण आग ने आठ यात्रियों की जान ले ली. इस हादसे के बाद एक बार फिर कंपनी का पुराना रिकॉर्ड चर्चा में है. पिछले कुछ वर्षों में हंस ट्रैवल्स का नाम सड़क हादसों, फायर सेफ्टी में अनियमितताओं, यात्रियों की सुरक्षा में लापरवाही, अवैध पार्किंग और नियमों के उल्लंघन जैसे मामलों में सामने आता रहा है.
दौसा हादसे में ऋषिकेश से इंदौर आ रही बस ट्रक से टकराने के बाद आग की चपेट में आ गई. जब हादसा हुआ तब अधिकांश यात्री सो रहे थे, जिससे उन्हें बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिला. इस हादसे ने निजी बसों की सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. हंस ट्रैवल्स की बसें पहले भी कई बार हादसों का शिकार हो चुकी हैं. इंदौर अहमदाबाद हाईवे सहित अन्य मार्गों पर हुई दुर्घटनाओं में तेज रफ्तार और लापरवाही के आरोप सामने आए. कुछ समय पहले परिवहन विभाग ने रिंग रोड पर कार्रवाई के दौरान कंपनी की बसों में फायर सेफ्टी उपकरण, स्पीड गवर्नर और अन्य व्यवस्थाओं की जांच की थी. अनियमितताएं मिलने पर बसों के खिलाफ कार्रवाई भी की गई थी बावजूद इसके नतीजा सिफर रहा.
कंपनी का नाम यात्रियों की सुरक्षा से जुड़े मामलों में भी सामने आ चुका है. मुंबई से इंदौर आ रही बस में युवती से छेड़छाड़ के मामले में ड्राइवर और क्लीनर की गिरफ्तारी हुई थी. वहीं शहर के सरवटे, विजयनगर, भंवरकुआं और चोइथराम मंडी जैसे व्यस्त इलाकों में बसों की अवैध पार्किंग को लेकर भी कई बार कार्रवाई हुई, लेकिन स्थिति में खास बदलाव नहीं आया.
यात्री बसों से बिना अनुमति व्यावसायिक पार्सल ले जाने के मामलों में भी जांच एजेंसियां कार्रवाई कर चुकी हैं. दौसा हादसे के बाद अब परिवहन विभाग की निगरानी व्यवस्था और निजी बस ऑपरेटरों के सुरक्षा मानकों को लेकर फिर बहस शुरू हो गई है. सवाल यह भी है कि बार बार सामने आ रही अनियमितताओं के बावजूद सख्त और स्थायी कार्रवाई क्यों नहीं हो पा रही है.
घर पहुंचने से पहले मौत ने रोक लिया सफर…
इंदौर. मसूरी से लौट रही 20 वर्षीय भूमि भौर ने बस में बैठने के बाद पिता को फोन कर कहा था कि वह बुधवार सुबह घर पहुंच जाएगी. परिवार रातभर उसके इंतजार में जागता रहा, लेकिन सुबह उसकी मौत की खबर ने घर की खुशियां मातम में बदल दीं. भूमि अपनी सहेलियों दिशा और लिसा के साथ घूमने गई थी. ट्रेन छूटने के बाद तीनों हंस ट्रैवल्स की बस से इंदौर लौट रही थीं. दौसा के पास हुए भीषण हादसे में भूमि की मौत हो गई, जबकि उसकी दोनों सहेलियां घायल हो गईं. भूमि परिवार की सबसे बड़ी संतान थी. हादसे में इंदौर के पत्रकार चंदू गुप्ता भी घायल हुए हैं, जबकि उनकी पत्नी निर्मला गुप्ता का समाचार लिखे जाने तक पता नहीं चल सका.
