बेंगलुरु | कर्नाटक के मंत्री कृष्ण बायरे गौड़ा ने बेंगलुरु में आवारा कुत्तों की नसबंदी (ABC) कार्यक्रम के तहत पिछले आठ वर्षों में हुए 120 करोड़ रुपये के भारी खर्च पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी राशि खर्च होने के बावजूद शहर में कुत्तों की आबादी में कोई कमी नहीं आई है, जिससे परियोजना की पारदर्शिता पर संदेह पैदा होता है। मंत्री ने पशुपालन विभाग के अधिकारियों की कड़ी आलोचना करते हुए उन्हें अगले छह महीनों में 90,000 कुत्तों की नसबंदी का लक्ष्य पूरा करने का सख्त निर्देश दिया है।
गायब हुए 20 लाख पेड़ों का रहस्य
मंत्री ने शहर में पर्यावरण संरक्षण के दावों की भी पोल खोली है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2008 से अब तक लगभग 20 लाख पौधे लगाए गए थे, लेकिन वर्तमान गणना में केवल नौ लाख पेड़ ही पाए गए हैं। मंत्री ने कड़ा रुख अपनाते हुए पूछा कि शेष 11 लाख पेड़ कहाँ गए? उन्होंने कहा कि सरकार प्रति पेड़ 2,300 रुपये खर्च करती है, फिर भी ऐसी स्थिति चिंताजनक है। अब से वृक्षारोपण कार्य में रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन और स्थानीय लोगों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।
फुटपाथ अतिक्रमण और फंड पर राजनीति
अतिक्रमण के मुद्दे पर मंत्री ने स्पष्ट किया कि पैदल चलने वालों की सुरक्षा के लिए मुख्य सड़कों से अवैध कब्जा हटाया जा रहा है, क्योंकि सड़क हादसों में हर साल सैकड़ों लोगों की जान जाती है। वहीं, विकास फंड के बंटवारे में भेदभाव के विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार के दौरान कांग्रेस विधायकों के साथ भारी अन्याय हुआ था। उन्होंने स्पष्ट किया कि वर्तमान सरकार सभी विधानसभा क्षेत्रों में विकास के लिए संतुलित फंड आवंटित करने का प्रयास कर रही है।

