
नेपानगर। डीएफओ विद्या भूषण सिंह की व्यक्तिगत रुचि और टीम की 9 दिन की लगातार सर्चिंग के बाद शाहपुर रेंज में मां की मौत के बाद जंगल में भटक रहे 4 माह के 2 अनाथ तेंदुआ शावकों को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया गया। दोनों को राष्ट्रीय वन विहार भोपाल के रेस्क्यू सेंटर भेजा गया है।
ऐसे चला ऑपरेशन:- 9 मई को शाहपुर रेंज के राजस्व ग्राम नागोनी के केले के खेत में मादा तेंदुए का शव मिला था। पोस्टमार्टम व एसओपी के तहत अंतिम संस्कार के बाद पता चला कि मृत मादा के साथ 2 शावक भी थे। डीएफओ विद्याभूषण सिंह ने तुरंत शाहपुर रेंजर व टीम को सर्चिंग में लगाया। टीमों ने 9 दिन तक जंगल छाना। ग्राउंड सर्चिंग के साथ ड्रोन, नाइट विजन कैमरे और वन क्षेत्रों में लगे ट्रैप कैमरों से निगरानी की गई।
पिंजरे में आए शावक :- लोकेशन मिलने पर एक स्थान पर पिंजरा लगाया गया। 17 मई को 4 माह का पहला शावक और 18 मई को दूसरा 4 माह का शावक पिंजरे में आ गया। एसडीओ अजय सागर व पशु चिकित्सक की मौजूदगी में डॉक्टरों से जांच के बाद दोनों शावकों को वन विहार राष्ट्रीय उद्यान भोपाल के रेस्क्यू सेंटर पहुंचाया गया। डीएफओ विद्याभूषण सिंह ने बताया कि मां की मौत के बाद शावक जंगल में अकेले भटक रहे थे। ग्रामीणों की सूचना पर रेस्क्यू किया गया। एसओपी के अनुसार जंगल में रखना सुरक्षित नहीं थाए इसलिए भोपाल भेजा। वहां नियमित स्वास्थ्य जांच होगी। बालिग होने पर दोनों को फिर से जंगल में छोड़ा जाएगा।
स्थानीय स्तर पर नहीं हो पाती सुरक्षा:-बताया जा रहा है कि जंगल में शावक सुरक्षित नहीं रह पाते इसलिए जैसे ही वन विभाग को इसकी जानकारी लगी कि मृत मिली मादा तेंदुए के साथ दो शावक भी थे तो वन विभाग ने उनकी तलाश तेज कर दी। एक स्थान पर पिंजरा लगाकर आखिरकर नौ दिनों बाद उनका रेस्क्यू कर लिया गया।
