जबलपुर: मध्यप्रदेश शासन के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण संचालनालय ने मप्र के सभी जिला आपूर्ति नियंत्रक अधिकारियों को विगत पांच वर्षों में समर्थन मूल्य पर खाद्यान्न उपार्जन में हुई अनियमितताओं की जानकारी तत्काल भेजने के निर्देश दिए हैं। सूत्रों के अनुसार जबलपुर जिला आपूर्ति कार्यालय द्वारा इस आदेश का जवाब अभी तक संचालनालय को नहीं भेजा गया है।
विदित है कि संचालनालय द्वारा भोपाल से 7 नवम्बर 2025 को जारी पत्र में कहा गया है कि 1 जनवरी 2021 से अब तक सहकारी समितियों, महिला स्व सहायता समूहों एवं सीएलएफ द्वारा समर्थन मूल्य पर उपार्जन कार्यों में हुई गंभीर अनियमितताओं के कारण यदि प्रथम सूचना रिपोर्ट एफआईआर दर्ज की गई है, तो उसकी जानकारी 8 नवम्बर 2025 तक निर्धारित प्रारूप में भेजना अनिवार्य है। पत्र में यह भी स्पष्ट किया गया है कि खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 हेतु जारी नवीन एसओपी के अनुसार जिन संस्थाओं पर गंभीर अनियमितता के प्रकरण दर्ज हैं, उन्हें इस वर्ष उपार्जन कार्य से वंचित रखा जाएगा।
स्टाफ की कमी, नहीं जुटा पाए जानकारी
जानकारी के अनुसार विभागीय अधिकारी आवश्यक जानकारी एकत्रित करने की प्रक्रिया में हैं, लेकिन समय सीमा बीत जाने के बावजूद रिपोर्ट भोपाल नहीं पहुंची है। अधिकारी का कहना है कि स्टॉफ की कमी के कारण पूरी जानकारी एकत्रित नहीं हो पाई है, जिनके ऊपर हाल ही में प्रकरण दर्ज हुए हैं, उनकी जानकारी मिल गई है, पुराने अभी बचे हुए हैं। पूरी जानकारी मिलते ही रिपोर्ट प्रस्तुत कर दी जाएगी।
इनका कहना है
स्टाफ द्वारा जानकारी एकत्रित की जा रही है, नए वालों की जानकारी मिल गई है। जबकि 2021, 2022, 2023 वालों की जानकारी निकाली जा रही है। अभी स्टाफ की कमी है और बाबू के यहां भी अचानक गमी हो जाने के कारण कार्य पूरा नहीं हो पाया है, जल्दी ही पूरी रिपोर्ट बनाकर शासन के समक्ष प्रस्तुत कर दी जाएगी।
राजधर साकेत,
सहायक आपूर्ति अधिकारी
