नयी दिल्ली/.चंडीगढ़, 22 अप्रैल (वार्ता) हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में राष्ट्रीय राजधानी के हरियाणा भवन में उद्योगपतियों के साथ उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई, जिसमें नई हरियाणा इंडस्ट्रियल पॉलिसी 2026 (ड्राफ्ट) एवं सेक्टोरल नीतियों पर विस्तृत चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार नई औद्योगिक नीति को अंतिम रूप देने से पहले उद्योग जगत से सीधे सुझाव ले रही है, ताकि उनकी जरूरतों और अपेक्षाओं को नीति में शामिल किया जा सके। उन्होंने बताया कि इस पहल का उद्देश्य निवेश को बढ़ावा देना और उद्योगों के लिए पारदर्शी व अनुकूल वातावरण तैयार करना है।
उन्होंने कहा कि नई नीति देश और वैश्विक स्तर की सर्वोत्तम औद्योगिक नीतियों के अध्ययन के आधार पर तैयार की गई है, जिससे हरियाणा को निवेश के लिए और अधिक आकर्षक बनाया जा सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में निवेश करने की इच्छुक कंपनियों के साथ सरकार निरंतर संवाद कर रही है। उद्योगपतियों के सुझावों को गंभीरता से लेकर नीति को अधिक प्रभावी बनाया जाएगा।
सरकार भविष्य में 10 नए इंडस्ट्रियल मॉडल टाउनशिप (आईएमटी) विकसित करने की योजना पर काम कर रही है। अंबाला और नारायणगढ़ में भूमि खरीद की प्रक्रिया जारी है। साथ ही जापानी कंपनियों के लिए विशेष औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने की योजना भी है। कंटिन्यूएण्टल ऐजि के प्रतिनिधियों ने मानेसर में आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक ब्रेक प्लांट स्थापित करने का प्रस्ताव रखा, जिसके लिए लगभग 1000 करोड़ रुपये का प्रारंभिक निवेश किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को इस परियोजना की औपचारिकताएं शीघ्र पूरी करने के निर्देश दिए। पैनासोनिक लाइफ सलूशन्स इंडिया ने झज्जर स्थित अपने प्लांट की उत्पादन क्षमता पांच लाख से बढ़ाकर 20 लाख एसी यूनिट प्रतिवर्ष करने की योजना बताई। इस विस्तार के लिए लगभग 200 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है। मुख्यमंत्री ने कंपनी को हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया। निर्यात को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को एक्सपोर्ट सब्सिडी के विभिन्न स्लैब तैयार करने के निर्देश दिए, ताकि अधिक उद्योग निर्यात के लिए प्रोत्साहित हों। उद्योगों की मांग पर मुख्यमंत्री ने बताया कि गुरुग्राम के वजीरपुर से झज्जर तक सड़क को छह-लेन करने की योजना स्वीकृत है और चंदू बाईपास को भी मंजूरी दी जा चुकी है। इजरायल ऐरोस्पेस इंडस्ट्रीज से जुड़े प्रतिनिधियों ने भारत में डिफेंस सेक्टर में लगभग 3000 करोड़ रुपये निवेश की संभावना जताई, जिसमें हरियाणा भी संभावित स्थानों में शामिल है। मुख्यमंत्री ने इस निवेश के लिए पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया। मुख्यमंत्री ने उद्योगपतियों से अनुसंधान एवं विकास और नई तकनीकों को अपनाने पर जोर देते हुए कहा कि इससे हरियाणा को औद्योगिक नवाचार का अग्रणी केंद्र बनाया जा सकेगा।

