
शाजापुर।कम से कम कागज का उपयोग हो. साथ ही प्रशासनिक आदेश में पारदर्शिता रहे. नोटशीट के न गुम होने का डर, न नोटशीट में कांट-छांट का भय. शाजापुर जिले में लगभग हर विभाग में ई-ऑफिस का नवाचार शुरू हुआ है. अभी तक 1700 फाइलें कलेक्टोरेट को ई-ऑफिस के तहत विभिन्न विभागों द्वारा भेजी गईहैं. आने वाले समय में शाजापुर जिला पेपरलेस प्रशासन के तौर पर तैयार हो जाएगा.
गौरतलब है कि प्रशासनिक कामकाजों में कागज की खपत को रोकने के लिए शासन ने ई-ऑफिस प्रणाली शुरू की है, जिसमें मध्यप्रदेश के 55 जिलों में आधा दर्जन जिले ही ई-ऑफिस प्रणाली के नजदीक पहुंचे हैं. प्रदेश के इन जिलों में शाजापुर जिला भी है, जहां ई-ऑफिस प्रणाली के तहत शत-प्रतिशत काम शुरू हो गया है. कलेक्टर ऋजु बाफना को विभिन्न विभागों द्वारा 1700 से अधिक फाइलें पेपरलेस ई-ऑफिस के तहत विभिन्न कामकाज के लिए भेजी गई हैं. कागज की खपत कम होने से पर्यावरण संरक्षण में भी मदद मिली है.
पेंडिंग नहीं रख सकते, न जलने का न गुम होने का डर
कई बार दस्तावेजों में आग लगने से रिकॉर्ड नष्ट हो जाता था. कई बार फाइलें गुम हो जाती थी. अधिकारी अपनी इच्छा के अनुसार फाइलें महीनों तक पेंडिंग रखते थे. अधिकारियों को जो लगता था, वो ही फाइल वो आगे बढ़ाते थे. लेकिन ई ऑफिस प्रणाली के तहत अब न कोई फाइल पेंडिंग होगी. न किसी घटना-दुर्घटना में दस्तावेज नष्ट होंगे और न उनके गुम होने का डर रहेगा. अब पेपरलेस प्रणाली के चलते फाइल सब्मिट होते ही उसका निराकरण हर हाल में संबंधित अधिकारी को समयसीमा में करना ही होगा. क्योंकि वो सर्वर पर नजर आती हैं कि कब भेजी गई और इसका निराकरण क्यों नहीं हुआ. याने कि अब फाइलों का पेंडिंग होना प्रशासनिक मशीनरी में लगभग बंद हो जाएगा.
पारदर्शिता के साथ त्वरित निराकरण…
ई-ऑफिस याने पेपरलेस प्रणाली से पारदर्शिता की संभावना ज्यादा बढ़ गई है. क्योंकि अभी तक कागजों पर जो आदेश या नोटशीट लिखी जाती थी, उसे सुरक्षित रखने में भी लंबे समय बाद कठिनाई होती थी. नोटशीट या अन्य आदेश में पारदर्शिता का भी अभाव देखने को मिलता था. प्रशासनिक कामकाजों में कई बार नोटशीट और कागजों पर आदेश को अमल कराने के लिए विलंब भी हो जाता था, लेकिन ई-ऑफिस के बाद पारदर्शिता के साथ-साथ संबंधित आदेशों का तुरंत निराकरण भी संभव हो सका है.
इनका कहना है
शाजापुर जिले के लगभग सभी विभागों में ई-ऑफिस याने पेपरलेस प्रणाली लागू हो गई है. जिससे प्रशासनिक कामकाज में पारदर्शिता और त्वरित निराकरण होगा. शाजापुर जिला जल्द ही शत-प्रतिशत पेपरलेस होगा.
– ऋजु बाफना, कलेक्टर, शाजापुर
