बीजापुर, 30 जून (वार्ता) छत्तीसगढ़ के बीजापुर से विधायक विक्रम मंडावी ने नक्सली मामलों में वर्षों से जेलों में बंद निर्दोष आदिवासियों की रिहाई की मांग करते हुए मंगलवार को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को पत्र लिखा और कहा कि ऐसे आदिवासी, जो आर्थिक और सामाजिक कारणों से न्याय की प्रक्रिया तक नहीं पहुंच पा रहे हैं, उन्हें मानवीय आधार पर राहत दी जानी चाहिए।
मुख्यमंत्री को भेजे गए पत्र में श्री मंडावी ने कहा है कि बस्तर संभाग आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र है और बीजापुर लंबे समय तक नक्सल प्रभावित जिला रहा है। इस दौरान नक्सली मामलों में बड़ी संख्या में गरीब और निर्दोष आदिवासी ग्रामीणों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया, जिनमें कई लोग वर्षों से बंद हैं।
उन्होंने कहा कि अधिकांश आदिवासी ग्रामीण कम शिक्षित और आर्थिक रूप से कमजोर हैं। संसाधनों के अभाव में वे न्यायालय में प्रभावी पैरवी नहीं कर पाते, जिसके कारण कई निर्दोष लोग लंबे समय से जेलों में बंद हैं।
श्री मंडावी ने पत्र में उल्लेख किया कि वर्तमान में बस्तर क्षेत्र तेजी से नक्सल मुक्त हो रहा है। सरकार ने आत्मसमर्पण करने वाले हथियारबंद नक्सलियों के लिए पुनर्वास नीति के तहत राहत और पुनर्वास की व्यवस्था की है। ऐसे में नक्सली मामलों में वर्षों से जेलों में बंद निर्दोष आदिवासियों के मामलों की भी समीक्षा कर उन्हें माफी देते हुए रिहा किया जाना चाहिए।
उन्होंने मुख्यमंत्री से इस संबंध में मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए आवश्यक कार्रवाई करने का आग्रह किया है।
