सीधी: जिले के चुरहट तहसील में पटवारी का रिश्वत मांगते ऑडियो सामने आने के बाद निलंबन की गाज गिरी है। सीमांकन की पुष्टि के लिए किसान से 3 हजार रुपये रिश्वत मांगने के आरोप में जमुनिहा हल्का नंबर-02 के पटवारी रघुनाथ प्रसाद साकेत को निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई सोशल मीडिया पर कथित ऑडियो वायरल होने के बाद की गई। एसडीएम चुरहट विकास कुमार आनंद ने तहसीलदार रामपुर नैकिन की जांच रिपोर्ट के आधार पर निलंबन आदेश जारी किए हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हुए कथित ऑडियो में पटवारी पर सीमांकन की पुष्टि के बदले 3 हजार रुपये मांगने का आरोप लगाया गया था।
मामला सामने आने के बाद तहसीलदार रामपुर नैकिन ने 28 जून 2026 को कारण बताओ नोटिस जारी कर पटवारी से जवाब मांगा। जांच रिपोर्ट के अनुसार, 29 जून को नायब तहसीलदार के माध्यम से पटवारी से फोन पर संपर्क कर उन्हें शाम 5 बजे तहसील कार्यालय बुलाया गया था। लेकिन उन्होंने कार्यालय आने से इंकार कर दिया। साथ ही वायरल ऑडियो को लेकर कोई स्पष्टीकरण भी पेश नहीं किया। इसे वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों की अवहेलना माना गया। तहसीलदार की रिपोर्ट में कहा गया कि प्रथम दृष्टया वायरल ऑडियो से भ्रष्टाचार और कदाचार की आशंका सामने आती है। रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया कि इस मामले से राजस्व विभाग और तहसील प्रशासन की छवि प्रभावित हुई है। इसके बाद मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के नियम-9 के तहत कार्रवाई की अनुशंसा एसडीएम को भेजी गई।
तहसील रामपुर नैकिन मुख्यालय तय-
जांच रिपोर्ट का परीक्षण करने के बाद एसडीएम विकास कुमार आनंद ने माना कि संबंधित पटवारी ने शासकीय दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही बरती और उनका आचरण मध्यप्रदेश सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के प्रावधानों के विपरीत पाया गया। इसके आधार पर उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय तहसील कार्यालय रामपुर नैकिन रहेगा। नियमानुसार उन्हें जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता भी मिलेगी।
